Doda Earthquake: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में रविवार की सुबह बेहद डरावनी रही. जब लोग गहरी नींद में थे, तभी तड़के सुबह करीब 4:32 बजे भूकंप के तेज झटकों ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है. गनीमत यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है, लेकिन झटके इतने महसूस किए गए कि लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए.
नींद में लोग और कांपती जमीन
रविवार का दिन डोडा के निवासियों के लिए चैन की नींद लेकर नहीं आया. सुबह 4 बजकर 32 मिनट पर आए भूकंप ने लोगों को सहमा दिया. स्थानीय निवासियों का कहना है कि झटके काफी तेज थे और खिड़की-दरवाजे खड़खड़ाने लगे थे. हालांकि, शुरुआती जांच में कहीं से भी किसी मकान के गिरने या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है.
बतो दें कि डोडा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. पुलिस और राहत टीमें संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें, लेकिन भविष्य की आशंकाओं को देखते हुए सतर्कता जरूर बरतें.
डोडा में बार-बार आ रहे भूकंप
डोडा जिले के लिए भूकंप के झटके महसूस करना अब एक चिंताजनक सिलसिला बनता जा रहा है. इससे पहले इसी साल 1 मार्च 2026 को भी यहां 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था.
वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से काफी संवेदनशील है, जिससे बार-बार जमीन के नीचे हलचल हो रही है. हाल के दिनों में दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई अन्य हिस्सों में भी धरती डोलती रही है, जिससे लोग डरे हुए हैं.
महाराष्ट्र के हिंगोली में भी दिखा भूकंप का असर
सिर्फ जम्मू-कश्मीर ही नहीं, बल्कि शनिवार को महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र भी भूकंप की चपेट में रहा. हिंगोली जिले में 4.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसका असर पड़ोसी जिलों नांदेड़ और परभणी में भी देखने को मिला. हिंगोली के जिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने बताया कि पांगरा शिंदे गांव में कुछ घरों और सामुदायिक केंद्रों की दीवारों में दरारें आ गई हैं. इस भूकंप का केंद्र वसमत तहसील के शिरली गांव में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था.
-भारत एक्सप्रेस
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