CP में DU छात्रों ने SIR समझाया,
DU Students On Rahul Gandhi: दिल्ली/स्कंदिता: कहते हैं राजनीति में जब तक कचौरी और समोसे का छौंक न लगे, तब तक सियासी बहस का स्वाद अधूरा रहता है. राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस के पालिका बाजार के बाहर शुक्रवार को कुछ ऐसा ही सियासी तमाशा देखने को मिला. दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्र और भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के नौजवान ढोलक की थाप पर नुक्कड़ नाटक करते हुए उतरे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस हालिया नैरेटिव की हवा निकाल दी, जिसमें वे चुनाव आयोग के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) को ‘वोट चोरी’ करार दे रहे थे.
लुटियंस दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने के बावजूद छात्रों का यह हुजूम पोस्टरों और नारों के साथ पहुंचा. संदेश बिल्कुल साफ था हार का ठीकरा मशीन और वोटर लिस्ट पर फोड़ना बंद कीजिए!
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‘एक कचौरी दो समोसा, युवाओं को मोदी पर भरोसा’ (Rahul Gandhi Vote Chori Allegations)
पालिका बाजार के ठीक बाहर राहगीर उस वक्त ठिठक कर हंसने लगे, जब छात्रों के हाथों में तुकबंदी वाले पोस्टर्स नजर आए. एक पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था ‘एक कचौरी दो समोसा, युवाओं को मोदी जी पर है भरोसा’
इतना ही नहीं, पोस्टरों पर राहुल गांधी की तस्वीर के साथ पुरानी सियासी चुटकी “Pappu is always Pappu” चस्पा कर खुलेआम तंज कसे गए. छात्रों ने अपने नुक्कड़ नाटक के किरदारों के जरिए यह दर्शाया कि चुनाव में हारने के बाद किस तरह विपक्षी नेता ‘आंगन टेढ़ा’ बताते हुए वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का रोना रोने लगते हैं.
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‘डबल-ट्रिपल वोट कटेंगे, तो रोना कैसा?’
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मंचन करते हुए आम जनता को चुनाव आयोग की SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया का ककहरा समझाया. छात्रों ने एक्टिंग के जरिए चुटकी ली कि अगर फर्जी और बोगस वोटरों के नाम कटने से किसी पार्टी की जमीन खिसक रही है, तो इसमें चुनाव आयोग का क्या कसूर?
- SIR की प्रक्रिया का स्वागत होना चाहिए क्योंकि यह उन लोगों के नाम छांटती है जिनके दो-तीन जगह फर्जी या डुप्लीकेट वोट बने हुए हैं.
- जिन नागरिकों के कागजात या पते गलत दर्ज हैं, यह प्रक्रिया उन्हें सुधारने (Improvement) का वैध मौका देती है.
जीत तो लीगल, बाकी जगह चोरी? (Palika Bazar Protest Rahul Gandhi)
हाथों में तख्तियां लिए छात्र सीधे तौर पर राहुल गांधी और विपक्षी दलों से तीखे सवाल पूछते नजर आए. छात्रों का सबसे धारदार पोस्टर सवालिया अंदाज में लिखा था.
“अगर चुनाव आयोग वोट चोरी करवा रहा है और लिस्ट में हेराफेरी हो रही है, तो कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार कैसे बन गई? क्या वे सरकारें भी इलीगल हैं?”
छात्रों ने तंज कसते हुए कहा कि जहां कांग्रेस जीत जाए, वहां लोकतंत्र अमर हो जाता है; और जहां जनता बाहर का रास्ता दिखा दे, वहां ईवीएम और वोटर लिस्ट ‘चोर’ हो जाती है. यह दोहरा रवैया अब देश का जागरूक युवा अच्छी तरह समझने लगा है.
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पाबंदियों के बीच लगा सियासी जमावड़ा (Student Question To Rahul Gandhi)
गौरतलब है कि नई दिल्ली जिले में सुरक्षा कारणों से BNSS की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू है, जिसके तहत किसी भी तरह के धरने-प्रदर्शन पर सख्त पाबंदी है. इसके बावजूद छात्रों और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने पालिका बाजार के मुहाने पर कुछ देर के लिए पूरी महफिल लूट ली. पुलिस की मौजूदगी के बीच हुआ यह नुक्कड़ नाटक सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है, जहां लोग राहुल गांधी पर कसे गए समोसे वाले तंज के खूब मजे ले रहे हैं.
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