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मौत का वो खौफनाक संडे; डूंगरपुर के उस बदनाम तालाब में ऐसा क्या हुआ कि पूरे गांव में नहीं जला चूल्हा?

Dungarpur Drowning Case: राजस्थान के डूंगरपुर में रविवार सुबह वात्रक तालाब में नहाने गए एक ही परिवार के चार भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई. इस हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ कर रख दिया है.

Dungarpur pond tragedy

Dungarpur Drowning Case: भूपेन्द्र गमोट/डूंगरपुर: राजस्थान के डूंगरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. यहां धम्बोला थाना क्षेत्र के बड़ी गांव में रविवार सुबह वात्रक तालाब में नहाने गए चार भाई-बहनों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई. मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और उनकी एक फुफेरी बहन शामिल हैं. इस हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है.

डूंगरपुर के बड़ी गांव में रविवार सुबह वात्रक तालाब में नहाने के दौरान पैर फिसलने या गहरे पानी में जाने से चार भाई-बहनों की डूबने से दुखद मौत हो गई. मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और गुजरात से आई उनकी फुफेरी बहन शामिल है. मौके पर मौजूद एक पिता ने अपने दो बच्चों को तो बचा लिया, लेकिन अन्य चार को नहीं बचाया जा सका. पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और पूरे गांव में इस घटना से मातम छाया हुआ है.

गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा (Tragedy in Dungarpur)

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, स्थानीय किसान बाबूसिंह डामोर के बच्चे हिना (24), प्रतीक (20) और इशिता (15) अपने रिश्तेदारों के साथ पास के वात्रक तालाब में नहाने गए थे. इसी दौरान नहाते समय बच्चे गहरे पानी की चपेट में आ गए और डूबने लगे. इस हादसे में बाबूसिंह की भांजी रौनक (20) भी डूब गई, जो महज चार दिन पहले ही गुजरात के पालनपुर से अपने मामा के घर आई थी.

पिता ने बचाई दो बच्चों की जान (Four siblings drown in a pond)

बच्चों को डूबता देख और उनकी चीख-पुकार सुनकर तालाब के पास ही मौजूद सुरेश सिंह तुरंत पानी में कूद पड़े. उन्होंने तत्परता दिखाते हुए अपने बेटे जयसिंह और राजवीर को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक अन्य चारों युवक-युवतियां गहरे पानी में समा चुके थे. सुरक्षित बचाए गए दोनों घायल बच्चों को तुरंत सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

हंसता-खेलता परिवार हुआ तबाह (Dungarpur pond tragedy)

इस भयावह हादसे ने बाबूसिंह डामोर के हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है. बाबूसिंह की दो बेटियां और एक इकलौता बेटा था, और तीनों ही इस हादसे का शिकार हो गए. बड़ी बेटी हिना गांव के एक निजी स्कूल में पढ़ाती थी, बेटा प्रतीक कॉलेज में दाखिले की तैयारी कर रहा था और सबसे छोटी बेटी इशिता 11वीं की छात्रा थी. अब इस घर में केवल माता-पिता ही बचे हैं.

पुलिस जांच जारी (Simalwara Hospital)

हादसे की सूचना मिलते ही धम्बोला थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद चारों शवों को तालाब से बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया. घटना के बाद से बड़ी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और चूल्हे तक नहीं जले हैं. वहीं, मृतक भांजी रौनक के परिजन भी गुजरात से डूंगरपुर के लिए रवाना हो गए हैं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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