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बुजुर्ग फरियादी गिड़गिड़ाता रहा और टेबल पर पैर रख मोबाइल में डूबी रही महिला कांस्टेबल, जनता के गुस्से के बाद सस्पेंड

Dungarpur Police Viral Photo: डूंगरपुर के बिछीवाड़ा थाने में एक महिला पुलिसकर्मी किसी ‘महारानी’ के अंदाज में थाने को अपना ड्राइंग रूम समझकर बैठी है, और उसके ठीक सामने एक बेबस बुजुर्ग अपनी फरियाद लेकर न्याय की भीख मांग रहा है.

Dungarpur Police Viral Photo

Dungarpur Police Viral Photo

Dungarpur Police Viral Photo: राजस्थान के डूंगरपुर के बिछीवाड़ा थाने से आई एक शर्मनाक तस्वीर ने खाकी की संवेदनशीलता के दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं. जनता के सेवक होने का दम भरने वाली पुलिस का आम आदमी के प्रति क्या नजरिया है, यह इस वायरल फोटो ने साफ कर दिया है.

तस्वीर में एक महिला पुलिसकर्मी किसी ‘महारानी’ के अंदाज में थाने को अपना ड्राइंग रूम समझकर बैठी है, और उसके ठीक सामने एक बेबस बुजुर्ग अपनी फरियाद लेकर न्याय की भीख मांग रहा है. खाकी की हेकड़ी का चरम रूपसोशल मीडिया पर वायरल हुई इस तस्वीर ने पुलिस विभाग की कार्यशैली को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है.

Dungarpur Police Viral Photo

शाही अंदाज में बैठी रही कांस्टेबल

महिला कांस्टेबल रीना गर्ग कुर्सी पर पीछे की ओर झुककर, दोनों पैर पूरी ठसक के साथ सरकारी टेबल पर फैलाए नजर आ रही हैं. इस वीआईपी घमंड के ठीक सामने एक कमजोर, बुजुर्ग फरियादी बैठा है, जो थाने में मदद की आस लेकर आया था लेकिन उसे सिर्फ जिल्लत और अपमान मिला.

बुजुर्ग रो-रोकर अपनी पीड़ा सुनाने की कोशिश करता रहा, लेकिन मैडम ने उसकी तरफ देखना तक गवारा नहीं किया. वह पूरी तरह अपने स्मार्टफोन में डूबी रहीं. जनता का फूटा गुस्सा जैसे ही यह फोटो सोशल मीडिया पर आई, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया.

टैक्सपेयर्स ने विभाग को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि क्या पुलिस थाने पीड़ितों की मदद के लिए हैं या फिर अनुशासनहीन कर्मचारियों के आराम फरमाने और अपनी हेकड़ी दिखाने के लिए? इंटरनेट यूजर्स ने साफ कहा कि ऐसा घटिया बर्ताव जनता का पुलिस पर से भरोसा पूरी तरह उठा देता है.

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मजबूरी में निलंबन की कार्रवाई

जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए डूंगरपुर एसपी मनीष कुमार को तुरंत दखल देना पड़ा. उन्होंने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और पुलिस के मनोबल को तोड़ने वाला आचरण माना. डैमेज कंट्रोल करते हुए एसपी ने महिला कांस्टेबल रीना गर्ग को तुरंत निलंबित (सस्पेंड) कर दिया और मामले की विभागीय जांच शुरू करवा दी है. कार्रवाई तो हो गई, लेकिन सवाल वही है कि कैमरे में कैद होने से पहले न जाने कितने फरियादियों को रोज ऐसी ही बदसलूकी का सामना करना पड़ता होगा?

-भारत एक्सप्रेस



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