'राधे-राधे' बोलने पर मासूम बच्ची का मुंह टेप से चिपकाया, NHRC ने दुर्ग प्रशासन से मांगी रिपोर्ट. (PC: भारत एक्सप्रेस)
Chhattisgarh Radhe Radhe Case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक चर्च से जुड़े स्कूल में नर्सरी में पढ़ने वाली 3.5 साल की मासूम बच्ची को अपनी प्रिंसिपल को ‘राधे-राधे’ कहना भारी पड़ गया.
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में मदर टेरेसा स्कूल की प्रिंसिपल पर 3.5 साल की बच्ची को ‘राधे-राधे’ बोलने पर छड़ी से मारने और मुंह पर टेप लगाने का आरोप लगा है. मामले में FIR के बाद आरोपी को जमानत मिल गई. NHRC ने संज्ञान लेते हुए प्रशासन से 2 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है और बच्ची के नए स्कूल में दाखिले के निर्देश दिए हैं.
प्रिंसिपल पर मासूम को प्रताड़ित करने का आरोप
मामला दुर्ग जिले के नंदिनी क्षेत्र स्थित बागडुमर गांव के मदर टेरेसा स्कूल का है. बच्ची के पिता प्रवीण यादव के अनुसार, 30 जुलाई को उनकी 3.5 साल की बेटी स्कूल से लौटने के बाद काफी डरी-सहमी थी और बार-बार अपने होंठों पर उंगली रख रही थी. पूछने पर मासूम ने बताया कि जब उसने प्रिंसिपल इला इवान कॉल्विन को ‘राधे-राधे’ कहकर अभिवादन किया, तो प्रिंसिपल ने नाराज होकर उसकी हथेली पर छड़ी मारी और करीब 15 मिनट तक उसके मुंह पर टेप चिपका कर रखा.
पुलिस कार्रवाई और परिजनों की चिंता
घटना की जानकारी मिलने के बाद पिता गांव की सरपंच दामिनी साहू के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई. पुलिस ने प्रिंसिपल को गिरफ्तार तो किया, लेकिन उसी दिन उन्हें जमानत मिल गई और वे अगले ही दिन फिर से स्कूल पहुंच गईं. पीड़ित पिता (जो BPL वर्ग से आते हैं) का कहना है कि वे डर के कारण अपनी बेटी को अब उस स्कूल नहीं भेज रहे हैं और कानूनी मामले की वजह से किसी अन्य स्कूल में दाखिला मिलने को लेकर चिंतित हैं.
NHRC की कड़ी कार्रवाई और निर्देश
पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद, मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया. आयोग ने इसे बाल अधिकारों और आरटीई (RTE) अधिनियम का गंभीर उल्लंघन मानते हुए दुर्ग के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी किया है. आयोग ने 2 सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है. साथ ही प्रशासन को निर्देश दिया है कि बच्ची को उसके माता-पिता की पसंद के नए स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेश दिलाया जाए और उसे मानसिक काउंसलिंग भी प्रदान की जाए.
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भारत एक्सप्रेस
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