देश में उपभोक्ता शिकायतों के निपटारे को आसान और तेज बनाने की दिशा में सरकार लगातार डिजिटल बदलाव कर रही है. इसी कड़ी में ई-जागृति प्लेटफॉर्म को एक बड़ा कदम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इस प्लेटफॉर्म की सराहना करते हुए कहा कि यह पूरी उपभोक्ता शिकायत प्रक्रिया को ऑनलाइन और पेपरलेस बनाकर पुरानी व्यवस्थाओं की कई बड़ी दिक्कतों को दूर कर रहा है.
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री प्रल्हाद जोशी के एक लेख को साझा करते हुए यह बात कही. उन्होंने बताया कि ई-जागृति को अलग-अलग हितधारकों से मिले सुझावों और चर्चा के बाद और बेहतर बनाया गया है, ताकि उपभोक्ता न्याय व्यवस्था को भी पूरी तरह डिजिटल रूप में ढाला जा सके.
पुरानी व्यवस्था से डिजिटल सिस्टम तक का सफर
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के मुताबिक, आज के समय में जब अधिकतर लेनदेन ई-कॉमर्स, डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए हो रहे हैं, तब पुरानी शिकायत निवारण प्रणाली कई जगहों पर कमजोर पड़ रही थी. पहले उपभोक्ताओं को कागजी फाइलिंग, मैनुअल जांच और अलग-अलग सॉफ्टवेयर सिस्टम के बीच काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था.
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए एक आधुनिक और तकनीक-आधारित समाधान की जरूरत महसूस की गई, जिसके बाद ई-जागृति प्लेटफॉर्म तैयार किया गया.
ई-जागृति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे 1 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया और इसमें चार पुराने सिस्टम—OCMS, ई-दाखिल, NCDRC CMS और CONFONET—को एक साथ जोड़ दिया गया. अब ये सभी सेवाएं एक ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे कामकाज तेज और आसान हो गया है.
आंकड़ों में दिखा असर
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लॉन्च के बाद से अब तक इस प्लेटफॉर्म पर 2.29 लाख से ज्यादा उपभोक्ता मामले दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें से 2.07 लाख से अधिक मामलों का निपटारा भी हो चुका है. इसका कुल निपटान दर करीब 90.75 प्रतिशत रहा है, जो एक मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है.
इसके अलावा, यह सुविधा सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए भी उपयोगी साबित हो रही है. खास बात यह है कि अब प्रवासी भारतीय (NRI) भी बिना भारत आए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और उनका समाधान पा सकते हैं.
उपभोक्ता आयोगों के प्रदर्शन में सुधार
वित्त वर्ष 2025-26 में देशभर के उपभोक्ता आयोगों ने भी बेहतर काम किया है. इस दौरान 1.65 लाख से अधिक नए मामले दर्ज हुए, जबकि 1.52 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया गया. इससे निपटान दर बढ़कर 92.3 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है.
जनवरी से मार्च 2025 की चौथी तिमाही में भी प्रदर्शन अच्छा रहा, जहां लगभग 38,944 मामले दर्ज हुए और 34,600 मामलों का निपटारा किया गया. इस दौरान निपटान दर 88.84 प्रतिशत रहा.
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-भारत एक्सप्रेस
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