Konda Vishweshwar Reddy E20 Video
देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर बहस जारी है. माइलेज घटने और इंजन पर असर की शिकायतों के बीच बीजेपी सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी (Konda Vishweshwar Reddy) ने वीडियो के जरिए E20 का बचाव किया है. उन्होंने पेट्रोल, शुद्ध इथेनॉल और E20 का एक छोटा प्रयोग किया.
वीडियो बनाकर किया अनोखा प्रयोग
तेलंगाना के चेवेल्ला से लोकसभा सांसद रेड्डी का यह वीडियो बीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर शेयर किया गया. वीडियो में वह दो कटोरियों में पेट्रोल और इथेनॉल डालकर उन्हें आग लगाते नजर आते हैं. एक तरफ विदेशों से आयात किया गया पेट्रोल है, जबकि दूसरी तरफ भारतीय किसानों के अनाज से तैयार इथेनॉल है.
प्रयोग में पेट्रोल की लौ ज्यादा तेज दिखाई देती है, जबकि इथेनॉल कम लौ के साथ जलता नजर आता है. आग बुझने के बाद पेट्रोल वाली कटोरी पर काली परत दिखाई देती है, जबकि इथेनॉल वाली कटोरी साफ नजर आती है. रेड्डी ने इस तुलना के जरिए बताया कि इथेनॉल मिलाने से ईंधन ज्यादा साफ जल सकता है, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है.
𝐈𝐬 𝐄𝟐𝟎 𝐟𝐮𝐞𝐥 𝐫𝐞𝐚𝐥𝐥𝐲 𝐛𝐚𝐝 𝐟𝐨𝐫 𝐲𝐨𝐮𝐫 𝐯𝐞𝐡𝐢𝐜𝐥𝐞, 𝐨𝐫 𝐢𝐬 𝐢𝐭 𝐣𝐮𝐬𝐭 𝐚𝐧𝐨𝐭𝐡𝐞𝐫 𝐦𝐲𝐭𝐡? 𝐒𝐞𝐞 𝐭𝐡𝐞 𝐭𝐫𝐮𝐭𝐡 𝐟𝐨𝐫 𝐲𝐨𝐮𝐫𝐬𝐞𝐥𝐟! ⛽🌿
A lot of misinformation has recently been spread about E20 petrol. In this video, BJP MP from… pic.twitter.com/j2Ng1AJpq6
— BJP (@BJP4India) August 12, 2026
क्या सिर्फ इस प्रयोग से E20 बेहतर है?
जानकारों के नजरिए से देखें तो किसी फ्यूल का वास्तविक प्रदूषण केवल खुले में उसे जलाकर तय नहीं किया जा सकता. वाहन का इंजन, फ्यूल सिस्टम, तकनीक, ड्राइविंग कंडीशन और प्रदूषण नियंत्रण उपकरण जैसे पहलू नतीजे को प्रभावित करते हैं. इसलिए इस वीडियो को E20 के पूरे असर का निर्णायक प्रमाण मानना सही नहीं होगा.
E20 को लेकर वाहन मालिकों की चिंता लगातार सामने आ रही है. कई लोग माइलेज कम होने और रखरखाव का खर्च बढ़ने की बात कह रहे हैं. सरकार ने संसद में यह माना है कि पुराने वाहनों में E20 के इस्तेमाल से माइलेज में करीब छह प्रतिशत तक कमी हो सकती है. साथ ही, इथेनॉल की नमी सोखने की क्षमता के कारण पुराने रबर कंपोनेंट पर असर पड़ने की संभावना बताई गई है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली में अल-कायदा ने रचा था खौफनाक षड्यंत्र…लाल किला ब्लास्ट पर UN रिपोर्ट का बड़ा खुलासा
माइलेज कम फिर भी क्यों मिला रहे E20?
दूसरी ओर, सरकार E20 को आयातित पेट्रोलियम पर निर्भरता घटाने के प्रयास के तौर पर देखती है. घरेलू स्तर पर तैयार इथेनॉल बढ़ने से किसानों व अर्थव्यवस्था को फायदा मिलने की उम्मीद है. यानी E20 को लेकर इस मामले में तस्वीर सीधी नहीं है. नए E20-अनुकूल वाहनों में इसका इस्तेमाल तकनीकी बदलावों के साथ किया जाता है, जबकि पुराने वाहनों पर असर अलग हो सकता है. फ्यूल की गुणवत्ता और सही स्टोरेज जरूरी हैं,
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


