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1 लीटर एथेनॉल के लिए 3000 लीटर पानी! सस्ते E85 पेट्रोल के उत्पादन पर क्यों उठ रहे हैं गंभीर सवाल? पढ़ें-EXPLAINER

Ethanol Fuel Benefits In India: एथेनॉल भले ही पेट्रोल से सस्ता मिल रहा है, लेकिन असली खेल गाड़ियों के माइलेज में छिपा हुआ है. पेट्रोल में एथेनॉल के मुकाबले काफी ज्यादा ऊर्जा होती है. इस वजह से गाड़ियां पेट्रोल पर ज्यादा माइलेज देती हैं एथेनॉल के बनिस्बत.

Ethanol Fuel Benefits In India

Ethanol Fuel Benefits In India

Ethanol Fuel Benefits In India: भारत में E85 पेट्रोल अब मिलने लगा है. यह फिलहाल देश के कुछ ही पेट्रोल पंपों पर मिल रहा है, लेकिन सरकार ने अगले साल तक इसे देश के करीब 5000 पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. E85 पेट्रोल में 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल रहता है. कीमत के लिहाज से इसे काफी किफायती बताया जा रहा है. दिल्ली में जहां एक लीटर पेट्रोल 102 रुपये का मिल रहा है. वहीं E85 पेट्रोल मात्र 82 का मिल रहा है.

यहां ध्यान रखने वाली बात ये है कि हम जो सामान्य पेट्रोल लेते हैं उसमें भी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिला हुआ होता है. ऐसे में इसे E20 बोला जाता है. तो सवाल ये उठता है कि जब एथेनॉल, पेट्रोल से इतना सस्ता है तो फिर जनता को भी क्या फायदा पहुंचेगा और सबसे बड़ा सवाल ये है कि सरकार की ये नीति क्या सफल होगी?

क्या है पेट्रोल और एथेनॉल का गणित

इसका जवाब जानने के लिए हमें पहले पेट्रोल और एथेनॉल का गणित समझना होगा. एथेनॉल भले ही पेट्रोल से सस्ता मिल रहा है, लेकिन असली खेल गाड़ियों के माइलेज में छिपा हुआ है. पेट्रोल में एथेनॉल के मुकाबले काफी ज्यादा ऊर्जा होती है. इस वजह से गाड़ियां पेट्रोल पर ज्यादा माइलेज देती हैं एथेनॉल के बनिस्बत. इसलिए सिर्फ कीमत यह तय नहीं कर सकती कि एथेनॉल, पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा मुफीद है.

दूसरा कारण गाड़ियों के जाम और खराब होने का भी है. तमाम E20 पेट्रोल पर गाड़ियां चलाने वाले चालकों के वीडियो वायरल हो रहे हैं. जिसमें बताया जा रहा है कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से कार्बोरेटर से लेकर इंजन तक खराब हो रहे हैं. इसके अलावा कई केस में तो पेट्रोल टंकी खोलकर इंधन निकालने की भी नौबत आ गई. ऐसे में सवाल गाड़ियों के खराब होने से बढ़ने वाली लागत का भी है.

Ethanol Fuel Benefits In India

ब्राजील से सीखने की जरूरत

दुनिया में सबसे पहले एथेनॉल का प्रचलन ब्राजील में हुआ. वहां 1975 से एथेनॉल को बढ़ावा देने वाली नीति को लागू किया गया है. ब्राजील में गाड़ियां ऐसी बनाई जा रही हैं जिनमें पेट्रोल और एथेनॉल दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है.

वहां का एक सिद्धांत बेहद महशूर है. जिसे 70 प्रतिशत का नियम कहा जाता है. इसका अर्थ है कि एथेनॉल की प्राइस पेट्रोल से 30 प्रतिशत कम होना चाहिये. क्योंकि एक लीटर पेट्रोल में एक कार जितनी दूर जा सकती है. उतनी दूरी तय करने के लिए 1.30 लीटर एथेनॉल की जरूरत पड़ेगी.

अगर महंगा पड़ा तो सरकार को पड़ेगा भारी

ब्राजील का अनुभव कहता है कि किसी भी तरह से एथेनॉल अगर पेट्रोल से महंगा पड़ेगा तो फिर जनता उसे नकार देगी. इस लिए या तो एथेनॉल सस्ता पड़ना चाहिये, या फिर पेट्रोल के बराबर. तभी जनता पेट्रोल से एथेनॉल पर शिफ्ट होगी.

भारत में भी इसी आधार पर E85 का दाम कम रखा गया है. क्योंकि जब देश में E20 लागू हुआ था तो गाड़ियों की माइलेज में कमी आ गई थी. जैसे- अगर शुद्ध पेट्रोल पर कोई गाड़ी 10 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है, तो वो E20 पर 9-9.2 पर आ गई. जबकि E20 पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा मात्र 20 प्रतिशत होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए E85 का रेट कम रखा गया है, ताकि जनता को जेब ढीली ना करनी पड़े.

पेट्रोल और एथेनॉल में मुख्य अंतर

पेट्रोल एक जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) है. यह करोड़ों साल पहले धरती में दबे पौधों और जीवों के अवशेषों से बने कच्चे तेल (Crude Oil) से मिलता है. क्रूड ऑयल को रिफाइनरिज में प्यूरिफाई करके पेट्रोल निकाला जाता है. वहीं एथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल (Ethyl Alcohol) है, जिसे खेती के उत्पादों जैसे- गन्ने के रस और मक्का से तैयार किया जाता है.

एथेनॉल को पेट्रोल में मिलाकर ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. जिससे पेट्रोल की खपत और कार्बन उत्सर्जन दोनों कम किए जा सकते हैं, लेकिन इसके उत्पादन को लेकर लगातार बहस चलती है.

एथेनॉल के उत्पादन में पानी की खपत को लेकर सवाल उठते रहे हैं. एक लीटर गन्ना आधारित एथेनॉल के उप्दान में 3000 लीटर तक पानी की जरूरत पड़ती है. भारत जैसे देश में जहां पानी की भारी कमी लगातार देखी जा रही है, वहां गन्ने से एथेनॉल बनाना हमेशा से चर्चा का विषय रहा है.

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क्या जनता को लाभ होगा?

देश में अधिकतर गाड़ियों में E85 पेट्रोल का यूज नहीं किया जा सकता. अगर सरकार उपभोक्ताओं को छूट देकर फ्लेक्स फ्यूल इंजन वाली गाड़ियों को अपनाने के लिए आकर्षित करती है, और लोग अपनाते हैं. तो इससे जनता का तो पता नहीं लेकिन देश को जरूर फायदा होगा. भारत सरकार भविष्य में E100 जैसे इंधनों के इस्तेमाल का बढ़ावा दे सकती है. जिसमें 100 प्रतिशत एथेनॉल होगा. इससे भारत को हर साल विदेशों से तेल आयात करने के लिए भारी भरकम डॉलर खर्चने से छुटकारा मिल जाएगा. इससे ना सिर्फ विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि डॉलर पर भी भारत की निर्भरता घटेगी.

-भारत एक्सप्रेस



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