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ईडी की बड़ी कार्रवाई: चंडीगढ़ और पंचकूला में छापेमारी, 82 लाख रुपये जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत एक बड़े एक्शन में मेसर्स पोलो होटल्स लिमिटेड और अन्य से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले में चंडीगढ़ और पंचकूला के कई ठिकानों पर छापेमारी की.

ED

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत एक बड़े एक्शन में मेसर्स पोलो होटल्स लिमिटेड और अन्य से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले में चंडीगढ़ और पंचकूला के कई ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान ईडी ने कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और 82 लाख रुपये जब्त/फ्रीज किए हैं.

प्रवर्तन निदेशालय पिछले कुछ समय से मेसर्स पोलो होटल्स लिमिटेड और उससे जुड़े कुछ अन्य लोगों की संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रहा था. जांच एजेंसी को इन पर अवैध रूप से अर्जित धन को वैध बनाने (मनी लॉन्ड्रिंग) और बैंकों व वित्तीय संस्थानों के साथ धोखाधड़ी करने के सबूत मिले थे. इसी आधार पर 3 मार्च 2025 को चंडीगढ़ और पंचकूला के कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई.

छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों को कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले, जो इस कथित घोटाले में शामिल व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सबूत प्रदान कर सकते हैं. इसके अलावा, ईडी ने 82 लाख रुपये की बैंक जमा राशि को जब्त/फ्रीज कर दिया है, जिसका स्रोत संदिग्ध माना जा रहा है. अधिकारियों ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनमें लैपटॉप, मोबाइल फोन और हार्ड ड्राइव शामिल हैं, जिनमें वित्तीय डेटा होने की संभावना है.

सूत्रों के अनुसार, ईडी इस मामले में कई अन्य कंपनियों और व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है. एजेंसी जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस पूरे वित्तीय लेन-देन की सच्चाई सामने आ सके. जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घोटाले में किसी बड़े कारोबारी, राजनेता या अन्य प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता है.

ईडी की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि सरकार अवैध वित्तीय गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है. इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. ईडी की टीम आने वाले दिनों में संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर सकती है और यदि पर्याप्त सबूत मिले तो गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.

इस पूरे मामले पर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जांच एजेंसी की कार्रवाई जारी है. आने वाले समय में इस केस से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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