गौतम अडानी. (फाइल फोटो)
Rural Eye Health Campaign: बिहार के मस्तीचक में गौतम अदाणी और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल द्वारा एक विशाल ग्रामीण नेत्र स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत की जा रही है. यह पहल ‘सेवा ही साधना है’ के मंत्र के साथ उत्तर भारत के पिछड़े इलाकों में मुफ्त इलाज और कौशल विकास के नए द्वार खोलेगी.
गौतम अडानी बिहार के मस्तीचक में ग्रामीण नेत्र चिकित्सा के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं. अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के साथ मिलकर अडानी फाउंडेशन गांव-गांव तक सस्ता और बेहतर इलाज पहुंचाएगा. यह पहल न केवल आंखों की रोशनी लौटाने का काम करेगी, बल्कि कौशल विकास के जरिए युवाओं को प्रशिक्षित भी करेगी. यह परियोजना अदाणी समूह के ₹70,000 करोड़ के सामाजिक सेवा संकल्प का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
‘सेवा ही साधना है’ का संकल्प
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य क्रांति लाने के उद्देश्य से रविवार को एक बड़े कार्यक्रम की शुरुआत होने जा रही है. अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी खुद मस्तीचक पहुंचकर ग्रामीण नेत्र स्वास्थ्य और कौशल विकास योजनाओं का भूमि पूजन करेंगे. यह पहल उनके जीवन के मूलमंत्र ‘सेवा ही साधना है’ से प्रेरित है, जो देश के वंचित क्षेत्रों में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखती है.
अखंड ज्योति और अदाणी फाउंडेशन का संगम
यह कार्यक्रम अडानी फाउंडेशन और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल मस्तीचक के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है. 2005 में मात्र 30 बिस्तरों से शुरू हुआ अखंड ज्योति अस्पताल आज 14 लाख से अधिक सफल ऑपरेशनों के साथ देश का अग्रणी संस्थान है.अडानी समूह के जुड़ने से यह नेटवर्क अब उत्तर और मध्य भारत के पिछड़े इलाकों में और भी मजबूती से फैलेगा, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण नेत्र चिकित्सा नेटवर्कों में से एक बन जाएगा.
सामाजिक निवेश और राष्ट्र निर्माण
अडानी समूह का यह कदम उनके व्यापक परोपकारी विजन का हिस्सा है. 2022 में गौतम अडानी ने अपने 60वें जन्मदिन पर स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए 60,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जताई थी. कुंभ और पुरी जगन्नाथ यात्रा जैसे आयोजनों में लाखों लोगों की सेवा के बाद, अब बिहार की यह परियोजना स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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-भारत एक्सप्रेस
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