अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने अपने बेटे जीत अडानी और बहू दिवा अडानी की वैवाहिक जीवन की पहली वर्षगांठ के अवसर पर एक भावुक संदेश साझा किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए इस पोस्ट में उन्होंने न सिर्फ दोनों को शुभकामनाएं दीं, बल्कि ‘मंगल सेवा’ जैसे सामाजिक संकल्प की भी सराहना की, जिसे जीत और दिवा ने अपनी शादी के दिन शुरू किया था.
500 नवविवाहित दिव्यांग बहनों की मदद
गौतम अडानी ने लिखा कि ठीक एक साल पहले जीत और दिवा ने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत के साथ ‘मंगल सेवा’ का संकल्प लिया था. इस पहल के तहत हर वर्ष 500 नवविवाहित दिव्यांग बहनों को प्रति बहन 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया. अडानी ने बताया कि यह सेवा कार्य आज भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निरंतर जारी है, जो उनके लिए गर्व और संतोष का विषय है.

आत्मसम्मान के साथ नई शुरुआत
अपने संदेश में गौतम अडानी ने कहा कि समय के साथ इस प्रयास ने कई परिवारों के जीवन में सम्मान, आत्मविश्वास और नई उम्मीद की शुरुआत की है. उन्होंने भावुक शब्दों में लिखा कि जब किसी बेटी के चेहरे पर मुस्कान लौटती है और उसके जीवन में आत्मसम्मान के साथ नई शुरुआत होती है, तो उस क्षण का संतोष दुनिया की किसी भी बड़ी उपलब्धि या वैभव से कहीं बड़ा होता है.
जीत और दिवा अपने वैवाहिक जीवन का एक वर्ष पूर्ण कर रहे हैं। इस सुखद अवसर पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज के ही दिन पिछले वर्ष उन्होंने ‘मंगल सेवा’ का संकल्प लिया था, जिसके तहत हर वर्ष 500 नवविवाहित दिव्यांग बहनों को प्रति बहन 10 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग देने का प्रण किया गया,… pic.twitter.com/G4WFAL5pZs
— Gautam Adani (@gautam_adani) February 5, 2026
एक पिता के रूप में अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए गौतम अडानी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके बच्चे अपनी व्यक्तिगत खुशियों के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में भी आशा और मुस्कान जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने प्रभु से प्रार्थना की कि सेवा का यह भाव आगे भी अनेक परिवारों के जीवन में सुख, सम्मान और नई उम्मीद लेकर आए और जीत व दिवा इसी सेवा मार्ग पर आगे बढ़ते रहें.
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गौरतलब है कि अडानी परिवार सामाजिक उत्तरदायित्व और परोपकार से जुड़ी पहलों के लिए जाना जाता है. ‘मंगल सेवा’ जैसी पहल को समाज के वंचित वर्गों, विशेषकर दिव्यांग महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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