Gold-Silver Price Today: आज दिल्ली, लखनऊ और इंदौर के सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में मामूली बदलाव देखने को मिला है. देशभर के बाजारों में 24 कैरेट सोना एक लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे फिसल गया. वहीं, चांदी के भाव में भी 800 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को 24 कैरेट गोल्ड का भाव 400 रुपये घटकर 99,623 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इससे पहले यह कीमत 1,00,023 रुपये प्रति 10 ग्राम थी.
22 कैरेट सोना अब 91,255 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है, जबकि 18 कैरेट गोल्ड 74,717 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है. यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र है जब सोने में गिरावट दर्ज हुई है. चांदी भी पिछड़ गई है. इसके दाम 883 रुपये टूटकर 1,14,050 रुपये प्रति किलो पर आ गए.
कम हुए सोने-चांदी के रेट
घरेलू वायदा बाजार (MCX) पर भी यही रुख देखने को मिला. मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे अक्टूबर 2025 डिलीवरी वाले गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट का भाव 124 रुपये फिसलकर 99,277 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. वहीं, सितंबर 2025 डिलीवरी वाली चांदी 342 रुपये टूटकर 1,13,250 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी. सोमवार को भी दोनों धातुओं के दाम कमजोर हुए थे.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को सोने और चांदी का रुख मिला-जुला रहा. कॉमैक्स एक्सचेंज पर सोना 0.09 फीसदी फिसलकर 3,379 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. इसके उलट, चांदी 0.22 फीसदी मजबूत होकर 38.05 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई.
क्यों गिर रहे हैं दाम
एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी का कहना है कि रूस और अमेरिका के बीच हालिया बैठक से कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने के कारण सोने में दबाव बना हुआ है. उनका अनुमान है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतें 99,000 से 1,01,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकती हैं. वहीं, ऑग्मोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी का कहना है कि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की हालिया बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं. इससे ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने या आगे किसी बदलाव के संकेत मिल सकते हैं.
पिछले कुछ महीनों से सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी और यह पहली बार था जब गोल्ड ने 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार किया. हालांकि, अब लगातार तीसरे सत्र से दाम में गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अमेरिकी फेड की नीतियों से आने वाले हफ्तों में सोने की दिशा तय होगी. ऐसे में निवेशक खरीदारी करने से पहले थोड़ी और स्पष्टता का इंतजार कर सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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