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गुरुग्राम में घटते भूजल स्तर पर GuruJal और Wipro Foundation की पहल, HydroMingle Delhi 2025 बना समाधान मंच

Gurugram Groundwater Crisis: गुरुग्राम जिला तेजी से घटते भूजल स्तर का सामना कर रहा है. GuruJal और Wipro Foundation ने डगवेल्स को पुनर्जीवित करने की पहल शुरू की है. HydroMingle Delhi 2025 विज्ञान, समाज और नीति को जोड़कर जल सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का मंच बनेगा.

Gurugram Groundwater Crisis: गुरुग्राम जिला तेजी से घटते भूजल स्तर का सामना कर रहा है. तेज शहरीकरण, बढ़ती मांग और प्राकृतिक रिचार्ज की कमी ने हालात बिगाड़ दिए हैं. कभी गांवों में पानी का मुख्य साधन रहे परंपरागत डगवेल्स (कुएं) अब या तो सूख चुके हैं या खराब हालत में हैं. 200 से ज्यादा गांवों में किए गए सर्वे में 424 डगवेल्स और 278 बोरवेल दर्ज हुए, जिनमें से 330 से ज्यादा डगवेल्स निष्क्रिय पाए गए. केवल 3% कुओं में ही रेनवॉटर हार्वेस्टिंग जुड़ी है और कई कुएं पास के गंदे पानी के तालाबों से प्रदूषण के खतरे में हैं.

GuruJal की पहल

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए Wipro Foundation के सहयोग से GuruJal (अभिप्सा फाउंडेशन की पहल) ने “Comprehensive Inventory and Revival of Dug Wells in Gurugram District” प्रोजेक्ट शुरू किया है. इसका मकसद है कि पुराने कुओं को वैज्ञानिक मैपिंग, हाइड्रोजियोलॉजिकल अध्ययन और समुदाय की भागीदारी से फिर से सक्रिय किया जाए. दो पायलट प्रोजेक्ट—खांडेवला (रेनवॉटर रिचार्ज मॉडल) और दौलताबाद (सांस्कृतिक पुनर्जीवन मॉडल)—इस दिशा में उदाहरण बने हैं.

Roots & Recharge Symposium 2025

इस पहल पर चर्चा और आगे का रास्ता तय करने के लिए Roots & Recharge Symposium 2025 आयोजित किया जा रहा है. इसमें सरकारी एजेंसियां, शोधकर्ता, CSR पार्टनर्स और समुदाय के नेता शामिल होंगे. यहां गुरुग्राम वेल इन्वेंटरी की रिपोर्ट साझा होगी, डगवेल रिवाइव करने का SOP लॉन्च होगा और “Wells of Gurugram” नामक कॉफी टेबल बुक भी जारी होगी.

क्यों जुड़ें इस संवाद से?

  • हरियाणा का सबसे बड़ा डगवेल डेटा मिलेगा.
  • पंचायतों और नागरिक वैज्ञानिकों से सीखने का मौका होगा.
  • नीति, फाइनेंस और स्केलिंग पर डिजाइन-थिंकिंग संवाद होंगे.
  • गुरुग्राम की जल सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जीवन के लिए नेटवर्क बनेगा.
  • क्या है HydroMingle?

HydroMingle एक अनोखा, एक दिन का इकोसिस्टम है जो पानी से जुड़े समाधान पर काम करने वाले इनोवेटर्स, टेक्नोलॉजिस्ट, सामुदायिक नेता, CSR पार्टनर्स, शोधकर्ता और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाता है. इसमें पैनल चर्चाएं, पिच सेशन, टेक्नोलॉजी शोकेस और सहयोग मंच शामिल हैं. इसका मकसद है कि निजी क्षेत्र, सरकार, अकादमिक जगत और जमीनी समुदायों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हो और मिलकर काम करने का रास्ता बने. इस बार HydroMingle दिल्ली में आयोजित हो रहा है, जिसे GuruJal और FluxGen Sustainable Technologies मिलकर होस्ट कर रहे हैं.

विजन और पृष्ठभूमि

DropTalk की भावना से प्रेरित होकर HydroMingle अब एक ट्रैवलिंग वॉटर इनोवेशन प्लेटफॉर्म बन चुका है. इसका उद्देश्य है कि शोध, उद्यमिता और नीति को जोड़कर जमीनी स्तर पर बदलाव लाया जाए. अगस्त 2025 में इसका पिछला आयोजन चेन्नई में ICCW द्वारा किया गया था.

क्यों है जरूरी?

भारत एक गंभीर ‘वॉटर डिकेड’ का सामना कर रहा है. NITI Aayog की रिपोर्ट (2018) ने चेतावनी दी थी कि दिल्ली और गुरुग्राम समेत 21 शहरों में भूजल खत्म होने का खतरा है. गुरुग्राम में पिछले दो दशकों में 25 मीटर से ज्यादा भूजल स्तर गिर चुका है और 60% से अधिक कुएं ओवर-एक्सप्लॉइटेड हैं. एक तरफ बाढ़ और दूसरी तरफ पानी की कमी, यह विरोधाभास दिखाता है कि योजना और तालमेल में बड़ी कमी है. समाधान भी मौजूद हैं, जैसे IoT मॉनिटरिंग और नेचर-बेस्ड रिचार्ज लेकिन वे अलग-अलग काम कर रहे हैं. HydroMingle इस गैप को भरता है, एक ऐसा मंच बनकर जहां सभी हितधारक मिलकर समाधान तैयार करें.

थीम: वेव ऑफ वॉटर टेक्नोलॉजी

इस बार का मुख्य थीम Through the Wave of Water Technology: Connecting Systems, Science & Society है. इसका मतलब है कि पानी से जुड़े इनोवेशन को एक जीवित प्रणाली की तरह देखा जाए, जहां बायो-डिजाइन, डिजिटल इंटेलिजेंस और वित्तीय नवाचार मिलकर इंसान और प्रकृति के बीच संतुलन बनाएं.

होने वाले परिणाम

  • नए साझेदारी और सहयोग से वॉटर इनोवेशन को गति मिलेगी.
  • शहरी और ग्रामीण इलाकों में अपनाए जा सकने वाले स्केलेबल समाधान सामने आएंगे.
  • दिल्ली–NCR में एक क्षेत्रीय वॉटर इनोवेशन क्लस्टर की रूपरेखा बनेगी.
  • केस स्टडी और नीति सुझावों का आदान-प्रदान होगा.

FluxGen और GuruJal की भूमिका

FluxGen एक AI और IoT आधारित वॉटर इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है जो उद्योगों को पानी की बचत और अनुपालन में मदद करता है. यह रियल-टाइम मॉनिटरिंग, लीकेज डिटेक्शन और एनालिटिक्स से पानी की खपत 30% तक घटा सकता है.

GuruJal, अभिप्सा फाउंडेशन की पहल है, जो पानी की न्यूट्रैलिटी के लिए काम करता है. यह स्थानीय स्तर पर भूजल रिचार्ज और मैनेजमेंट के समाधान डिजाइन और लागू करता है.

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HydroMingle Delhi 2025 इस बार विज्ञान, सिस्टम और समाज को जोड़ते हुए पानी के भविष्य के लिए ठोस कदम उठाने का मंच बनेगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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