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HBCHRC ने छह महीने से भी कम समय में पूरी कीं 100 रोबोटिक कैंसर सर्जरियां, सभी मरीजों को मिला मुफ्त इलाज

न्यू चंडीगढ़ स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (HBCHRC) ने छह महीने से भी कम समय में 100 से अधिक जटिल रोबोटिक कैंसर सर्जरियां पूरी कीं.

न्यू चंडीगढ़ स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (HBCHRC) ने महज आधे साल में 100 से ज्यादा जटिल रोबोटिक कैंसर सर्जरियां सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं. खास बात यह रही कि हर मरीज को यह सुविधा बिना किसी अतिरिक्त खर्च के दी गई. यह अस्पताल भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत टाटा मेमोरियल सेंटर की इकाई है और पंजाब में केंद्र सरकार का प्रमुख कैंसर अस्पताल है.

सुविधा की शुरुआत और योजना

रोबोटिक सर्जरी की सुविधा का ऐलान पिछले साल अगस्त में कैंसर कॉन्क्लेव के दौरान पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किया था. अस्पताल के निदेशक डॉ. आशीष गुलिया ने बताया कि उत्तर भारत में बहुत कम अस्पतालों में ही रोबोटिक सर्जरी उपलब्ध है. शुरुआत में 80 मरीजों को मुफ्त इलाज देने का वादा किया गया था, लेकिन छह महीने से भी कम समय में 100 मरीजों को यह सुविधा दी गई.

आधुनिक तकनीक से लैस

डॉ. गुलिया ने कहा कि न्यू चंडीगढ़ परिसर में मौजूद रोबोटिक सर्जरी सुविधा अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और निजी अस्पतालों की तुलना में बेहद कम लागत पर इलाज उपलब्ध करा रही है.

सर्जन का पूरा नियंत्रण

ओंकोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि रोबोटिक सर्जरी सर्जन की जगह नहीं लेती. पूरी प्रक्रिया के दौरान सर्जन ही नियंत्रण में रहते हैं और सभी अहम फैसले उन्हीं द्वारा लिए जाते हैं. रोबोट केवल सटीकता और जटिल हिस्सों तक पहुंचने में मदद करता है.

मरीजों को जल्दी राहत

ओंकोसर्जन डॉ. अरविंद गुरु ने बताया कि रोबोटिक तकनीक से छोटे चीरे लगते हैं, जिससे खून कम बहता है, दर्द घटता है और मरीज जल्दी ठीक होते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अस्पताल ने एक 80 वर्षीय मरीज की भी सफल रोबोटिक सर्जरी की, जिन्हें आईसीयू में कम समय रहना पड़ा और वे तेजी से स्वस्थ हुए.

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विश्वस्तरीय कैंसर इलाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2022 में इस अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित किया था. करीब 660 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 300 बेड वाले अस्पताल में सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं. यह अस्पताल मुख्य केंद्र (Hub) के रूप में काम करता है, जबकि संगरूर का 150 बेड वाला कैंसर अस्पताल इसकी शाखा (Spoke) के तौर पर मरीजों की सेवा कर रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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