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हाई कोर्ट ने एक्टिविस्ट सौरभ गुप्ता को पुलिस सिक्योरिटी देने का दिया आदेश, एल्विश यादव के खिलाफ दर्ज कराई थी शिकायत

एक्टिविस्ट सौरभ गुप्ता और उनके भाई ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए कहा था कि एल्विश यादव पर आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद से उन्हें धमकी भरे फोन आने लगे.

Elvish yadav

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एल्विश यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले एक्टीविस्ट को पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया है. दरअसल, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट को पुलिस सुरक्षा दी जाए, जिसने यूट्यूबर द्वारा सांपों के अवैध इस्तेमाल को लेकर एल्विश यादव के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी.

सौरभ को धमकी भरे फोन आ रहे थे

एक्टिविस्ट सौरभ गुप्ता और उनके भाई ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए कहा था कि एल्विश यादव पर आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद से उन्हें धमकी भरे फोन आने लगे.

सांपों के जहर की सप्लाई का आरोप

एल्विश यादव पर कथित तौर पर वीडियो में अवैध रूप से प्रतिबंधित प्रजाति के सांपों का इस्तेमाल करने और रेव पार्टियों में मनोरंजन के लिए सांप के जहर की आपूर्ति करने का आरोप है. गुरुग्राम पुलिस ने वीडियो में सांपों के कथित अवैध इस्तेमाल के लिए एल्विश यादव पर मामला दर्ज किया था, कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश की सूरजपुर कोर्ट ने सांप के जहर के मामले में एल्विश यादव को जमानत दे दी थी.

18 अप्रैल को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस जसजीत सिंह बेदी ने गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त को आदेश दिया कि वह गुरुग्राम मामले के संबंध में निचली अदालत में पेश होने पर शिकायतकर्ताओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें. “जहां तक गुड़गांव में धारा 156(3) के तहत याचिकाकर्ताओं द्वारा दर्ज की गई शिकायत का संबंध है, जिसके परिणामस्वरूप FIR दर्ज की गई है, गुड़गांव के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया जाता है कि जब भी याचिकाकर्ताओं को गुड़गांव में कोर्ट में पेश होने की जरूरत हो, तो उन्हें पर्याप्त सुरक्षा दी जाए.

सुरक्षा दिए जाने का आदेश जारी

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता सांप के जहर के मामले में उन्हें मिली धमकियों के संबंध में उत्तर प्रदेश की अदालतों का दरवाजा खटखटा सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड के अवलोकन से पता चलता है कि आरोप मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में धमकियां आने से संबंधित हैं. इसलिए, याचिकाकर्ता अपनी किसी भी शिकायत के निवारण के लिए उत्तर प्रदेश में उपयुक्त न्यायालय में जाने के लिए स्वतंत्र हैं. इन टिप्पणियों के साथ, कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया.

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आपको बता दें कि पिछले साल, पीपुल फॉर एनिमल्स द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद, नोएडा पुलिस ने कथित तौर पर सेक्टर 51 में स्थित एक बैंक्वेट हॉल पर छापा मारा और 5 लोगों को गिरफ्तार किया था. FIR में एल्विश यादव पर रेव पार्टियों का आयोजन करने का आरोप लगाया गया था, जहां विदेशियों को भी बुलाया जाता था और मनोरंजन के लिए सांप के जहर का सेवन कराया जाता था. उसके और मामले में सह-आरोपियों पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और IPC के तहत मामला दर्ज किया गया था.

-भारत एक्सप्रेस



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