Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

अभिनेत्री एंजेल गुप्ता को हाई कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार, अदालत ने कही ये बात

मौजूदा मामला एक सुनियोजित हत्या का है, जिसमें जघन्य अपराध करने के लिए पेशेवरों को काम पर रखा गया है. अगर याचिकाकर्ता दोषी पाई जाती है, तो उसे आजीवन कारावास या मौत की सजा भी हो सकती है.

Angel Gupta

मॉडल एंजेल गुप्ता को कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार.

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने कथित प्रेमी की पत्नी की हत्या के मामले में आरोपों का सामना कर रहे अभिनेत्री एंजेल गुप्ता को जमानत देने से इंकार कर दिया है. जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने 32 वर्षीय एंजेल गुप्ता की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि वह एक पेशेवर अभिनेत्री हैं और वह फरार होने और गवाहों को प्रभावित करने की स्थिति में है.

कोर्ट ने क्या कहा?

मौजूदा मामला एक सुनियोजित हत्या का है, जिसमें जघन्य अपराध करने के लिए पेशेवरों को काम पर रखा गया है. अगर याचिकाकर्ता दोषी पाई जाती है, तो उसे आजीवन कारावास या मौत की सजा भी हो सकती है. अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता, जिस तरह से घटना हुई और याचिकाकर्ता के पिता के जमानत पर रिहा होने के बाद फरार होने के तथ्य को देखते हुए उसके न्याय से भागने की संभावना अधिक है. अदालत ने कहा कि हालांकि मुकदमा खत्म होने वाला है, लेकिन गुप्ता को जमानत नहीं दी जानी चाहिए.

2018 में हुई थी हत्या

हालांकि उन्होंने निचली अदालत को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मुकदमा अब से पांच महीने के भीतर पूरा हो जाए. अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना अक्टूबर 2018 में हुई थी, जब 38 वर्षीय पीड़िता सुनीता की यहां बवाना में स्कूटी पर यात्रा करते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

यह भी पढ़ें- आपराधिक अवमानना के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने वकील को सुनाई 4 महीने जेल की सजा

मामला दर्ज किया गया और पीड़िता के पति मंजीत, गुप्ता और उसके पिता सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. अभियोजन पक्ष ने दावा किया है कि मंजीत कथित तौर पर अभिनेत्री के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था और जांच के दौरान, पीड़िता की बेटी ने मृतक द्वारा लिखी एक डायरी पेश की. सुनीता ने अपनी डायरी में अपने या अपने बच्चों के खिलाफ़ अप्रिय घटनाओं की आशंका जताई थी. अभियोजन पक्ष ने कहा कि चूंकि पीड़िता के पति ने पारिवारिक मुद्दों के कारण उसे तलाक देने के विचार को अस्वीकार कर दिया था, इसलिए अन्य आरोपियों ने उसे खत्म करने का फैसला किया और उसे मारने के लिए शूटरों को किराए पर लिया. 29 अक्टूबर, 2018 को, शूटरों ने पीड़िता पर गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौत हो गई.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital