IAS Santosh Verma Video Viral: पिछले कुछ दिनों से देश में सुर्खियां बटोर रहे मध्य प्रदेश के IAS संतोष वर्मा एक बार फिर से विवादों में घिर गए हैं. भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान अजाक्स (अजाक्स) के प्रदेश अध्यक्ष एवं आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने तीसरी बार विवादास्पद बयान दिया. इस बार उन्होंने सीधे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि SC-ST समुदाय के बच्चों के साथ न्यायपालिका में भेदभाव हो रहा है.
इससे पहले संतोष वर्मा ने आरक्षण खत्म करने के लिए अपनी अजीब शर्त रखी थी जिसके देशभर में निंदा हुई. उन्होंने कहा था कि अगर ब्राम्हण अपनी बेटी का हांथ हमारे बेटे को देदे या संबंध बन जाए तो हमें आरक्षण नहीं चाहिए. अब उन्होंने हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली और विश्वसनियता पर सवाल उठाए हैं.
Santosh Verma के हाईकोर्ट पर आरोप
संतोष वर्मा ने कहा कि हमारे (SC-ST) बच्चे IAS-IPS बन जाते हैं, लेकिन सिविल जज नहीं बन पाते. हालिया सिविल जज भर्ती परीक्षा में एक भी SC-ST उम्मीदवार चयनित नहीं हुआ. हाईकोर्ट ने 50% कटऑफ तय कर रखा है, लेकिन हमारे बच्चों को 49.95 अंक तक दिए जा रहे हैं. 50 नहीं. इंटरव्यू में भी 20 की जगह सिर्फ 19 अंक दिए जा रहे हैं. ये सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है ताकि SC-ST बच्चे सिविल जज न बन सकें. उन्होंने कहा कि
‘ये हमारा हाईकोर्ट कर रहा है, जिससे न्याय की उम्मीद की जाती है. जिसे हम बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर के संविधान के अनुसार चलने की गारंटी मानते हैं, वहीं से ये भेदभाव हो रहा है. ये कौन सा आरक्षण है? कौन सा नियम है?’
ये रहा IAS संतोष वर्मा जी का पूरा वीडियो सुने 👇 pic.twitter.com/hyFMYHFdUf
— Sunil Astay (@SunilAstay) November 28, 2025
हर घर से Santosh Verma निकलेगा
एक दिन पहले ही संतोष वर्मा ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की तारीफ में कहा था कि तुम कितने संतोष वर्मा को मारोगे, हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा. इस बयान के जवाब में सपाक्स (सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण समाज) की महिला विंग ने कड़ी चेतावनी दी है. संगठन की ओर से कहा गया कि अगर हर घर से संतोष वर्मा निकलेंगे, तो हर घर से चंडी भी निकलेगी, जिसे तुम रोक नहीं पाओगे.
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लगातार तीसरा विवाद (Santosh Verma Controversy)
बता दें संतोष वर्मा लगातार तीसरी बार इस तरह के विवादास्पद बयानों से सुर्खियों में हैं. पहले ‘ब्राह्मण बेटी’ वाला बयान, फिर ‘हर घर से संतोष वर्मा’ और अब हाईकोर्ट पर सीधा आरोप लगाया है. इन बयानों ने सामाजिक तनाव को और बढ़ा दिया है. वहीं उन का विरोध करने के लिए सड़कों पर भी उतर आए हैं.
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