IAS Santosh Verma Case: पहले भी विवादों में रहने वाले मध्य प्रदेश के अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संतोष वर्मा इन दिनों फिर से सुर्खियों में है. ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर वर्मा ने एक हेट स्पीच दी उसके बाद अब बुरे फंसते नजर आ रहे हैं. देश में उनके खिलाफ आक्रोश है. थाने में शिकायत हो रही है और लोग उनके खिलाफ ईमान का भी ऐलान कर रहे हैं. ऐसे में गला फाड़कर चिल्लाने वाले संतोष वर्मा अब डाउन हो गए हैं और माफी भी मांग रहे हैं. इस बीच कांग्रेस ने भी उनकी आलोचना कर दी है.
बीते दिनों वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा अजाक्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चुने गए. इस दौरान आयोजित प्रदेशस्तरीय सम्मेलन में नवनिर्वाचित अध्यक्ष वर्मा ने आरक्षण को लेकर एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने ब्राह्मण समाज की बेटियों का जिक्र कर दिया. संतोष वर्मा के इस बयान से सिर्फ ब्राह्मण समाज ही नहीं, अन्य सवर्ण समाज से जुड़े लोग भी गुस्से में हैं.
थाने में दर्ज कराई गई शिकायत (complaint On Santosh Verma)
ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर दिए बयान के खिलाफ लोगों में नाराजगी है. छतरपुर जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र मिश्रा ने थाने में संतोष वर्मा के खिलाफ शिकायत देकर केस दर्ज किए जाने की मांग की है. साथ ही कई संगठनों ने संतोष वर्मा का मुंह काला करने पर इनाम की घोषणा भी की. छतरपुर की वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र मिश्रा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समाज को अपमानित किए जाने के मकसद से यह बयान दिया.
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उन्होंने आगे कहा कि इस कृत्य के लिए वर्मा के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करना जरूरी है ताकि ब्राह्मण समाज को न्याय मिल सके. मिश्रा ने वर्मा के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग की है. वहीं दूसरी ओर कई संगठनों ने वर्मा के बयान की तीखी निंदा की है. कुछ संगठनों ने वर्मा का मुंह काला करने पर नगद इनाम का भी ऐलान किया है.
क्या बोल रहे थे संतोष वर्मा? (IAS Santosh Verma controversial statement)
संतोष वर्मा ने आरक्षण का खत्म या कम न करने की वकालत की. जैसे उनका भाषण आगे बढ़ा उन्होंने अपने मर्यादा लांघ दी और ब्राह्मणों और उनकी बेटियों को लेकर अभद्र बयान देने लगे. सोशल मीडिया उनका यह वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में साफ सुनाई पड़ रहा है कि संतोष वर्मा क्या कह रहे हैं?
‘मैं तब तक यह नहीं मानूंगा कि एक परिवार में एक व्यक्ति को आरक्षण मिलना चाहिए जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान ना कर दे या उसका उससे संबंध नहीं बनाए.
ब्राह्मण जब तक अपनी बेटी को मेरे बेटे को दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए: संतोष वर्मा ( वरिष्ठ IAS अधिकारी और नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष अजाक्स)
कितना दुष्ट है ये बेशर्म, बदतमीज, गधा। इसकी भी बेटी होगी? बहन होगी? पत्नी होगी? उनके लिए भी क्या ये… pic.twitter.com/uZODQI3hJi
— Shubham Shukla (@Shubhamshuklamp) November 24, 2025
इतना ही नहीं सोतोष वर्मा ने आगे कहा कि केवल आर्थिक आधार की बात है तो जब तक यह रोटी-बेटी का व्यवहार ना होता तब तक हमको समाज के पिछड़ेपन, सामाजिक पिछड़ेपन के कारण आरक्षण की पात्रता मिलती रहेगी. आप खत्म कर दीजिए जाति- हमें नहीं चाहिए आरक्षण.
ठंडे पड़े संतोष वर्मा (Santosh Verma Apology)
विवाद बढ़ता देखते हुए संतोष वर्मा ने कहा है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. इस बयान से किसी व्यक्ति या वर्ग की भावना आहत हुई है तो मैं उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं. इससे पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी आईएएस संतोष वर्मा के बयान की निंदा की. पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आईएएस संतोष वर्मा ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की है. सभ्य समाज में ऐसे विचारों की जगह नहीं है.
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विवादों से है पुराना नाता (Santosh Verma Controversial History)
संतोष वर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है. उन पर पहले भी फर्जी दस्तावेज बनाने और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं, जिसके चलते वे जेल भी जा चुके हैं. अब देखना होगा कि ‘रोटी-बेटी’ के संबंध को आरक्षण की समय-सीमा से जोड़ने वाले इस बयान पर राज्य सरकार क्या अनुशासनात्मक कदम उठाती है.
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