भारत-नेपाल की खुली सीमा को लेकर केंद्र सरकार अब और ज्यादा गंभीर हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं. हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के सीमांचल दौरे में भी यह मुद्दा सबसे अहम रहा.
सीमांचल दौरे में बैठकें
तीन दिन के प्रवास के दौरान अमित शाह (Amit Shah) ने किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में अधिकारियों के साथ लंबी बैठकें कीं. इनमें एसएसबी, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे. चर्चा का मुख्य विषय भारत-नेपाल सीमा की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा इंतजाम रहा. उन्होंने (Amit Shah) ने साफ कहा कि नेपाल भारत का मित्र है, लेकिन सीमा सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा.
चीन-पाकिस्तान की गतिविधियों पर चिंता
गृह मंत्री (Amit Shah) ने चेतावनी दी कि नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं का इस्तेमाल चीन और पाकिस्तान भारत विरोधी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं. उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और हर गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए.
तस्करी और अतिक्रमण पर सख्ती
अमित शाह ने कहा कि मादक पदार्थों के तस्करों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए यह सीमा आसान रास्ता बनती जा रही है. उन्होंने (Amit Shah) अधिकारियों को निर्देश दिया कि पाकिस्तान सीमा की तरह यहां भी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए. सीमावर्ती जिलों से अतिक्रमण और अवैध निर्माण की रिपोर्ट मांगी गई है.
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संवेदनशील होती सीमा
हाल के वर्षों में घुसपैठ, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले बढ़े हैं. कुछ पाकिस्तानी आतंकियों के इसी रास्ते भारत में प्रवेश की पुष्टि भी हो चुकी है. ऐसे में केंद्र सरकार सीमा प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
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-भारत एक्सप्रेस
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