भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और चीन सीमा को लेकर बड़े खुलासे किए. उन्होंने विशेष रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और उस दौरान पाकिस्तान के डर का जिक्र किया. जनरल द्विवेदी ने साफ कहा कि पाकिस्तान की परमाणु धमकी की हवा निकल चुकी है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सीमा पार अभी भी 8 आतंकी लॉन्च पैड एक्टिव हैं, लेकिन भारतीय सेना किसी भी हिमाकत का जवाब देने के लिए ‘टू फ्रंट’ पर पूरी तरह तैयार है.
पाकिस्तान ने सीजफायर की पहल क्यों की?
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि 10 मई की सुबह तीनों सेनाओं को मूवमेंट के निर्देश मिल गए थे. भारत के वॉरशिप, एयरक्राफ्ट और जमीनी सेना एक साथ मूव कर रही है. यह पाकिस्तान के लिए ‘टर्निंग मोमेंट’ था, उन्हें समझ आ गया था कि भारत आर-पार के मूड में है, इसलिए उन्होंने सीजफायर किया. आर्मी चीफ ने स्पष्ट किया कि अगर पाकिस्तान उस वक्त कोई गलती करता, तो भारत जमीनी ऑपरेशन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार था.
अभी भी एक्टिव हैं आतंकी अड्डे
पाकिस्तान की परमाणु धमकी पर जनरल द्विवेदी ने कहा कि यह सिर्फ वहां के नेताओं और जनता की बयानबाजी थी, पाकिस्तानी सेना ने ऐसी कोई बात नहीं की थी. उन्होंने बताया कि अभी भी पाकिस्तान में 8 आतंकी कैंप एक्टिव हैं, जिनमें से 6 एलओसी (LoC) के सामने और 2 अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के सामने हैं. 2025 के आंकड़ों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 31 आतंकी मारे गए, जिनमें से 65% पाकिस्तानी नागरिक थे.
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एलएसी और आत्मनिर्भर भारत
चीन के साथ लगी एलएसी (LAC) पर स्थिति को स्थिर बताते हुए उन्होंने कहा कि सावधानी अभी भी जरूरी है. विश्वास बहाली के उपायों के तहत पेट्रोलिंग और चराई जैसी गतिविधियां फिर शुरू हुई हैं. जनरल द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल से सेना की ताकत बढ़ रही है और हम आधुनिक हथियारों से लैस हो रहे हैं.
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