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Instagram Ads से बिछाया ठगी का जाल, WhatsApp पर भरोसा जीतकर ₹1.16 लाख की साइबर ठगी

Instagram jewellery fraud Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने इंस्टाग्राम पर फर्जी ज्वेलरी विज्ञापन देकर ₹1,16,975 की साइबर ठगी करने वाले हरियाणा के पलवल निवासी अंकित ठाकुर को गिरफ्तार किया है. जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम क्रेडिट कार्ड भुगतान के जरिए मनी ट्रेल छिपाने में इस्तेमाल की जाती थी, जबकि गिरोह का दूसरा आरोपी शमीम अभी फरार है.

Instagram jewellery fraud Delhi Police

Instagram jewellery fraud Delhi Police

Instagram jewellery fraud Delhi Police: दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना टीम ने इंस्टाग्राम के जरिए ज्वेलरी बेचने के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के पलवल निवासी 26 वर्षीय अंकित ठाकुर के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने सोशल मीडिया पर सस्ती ज्वेलरी का फर्जी विज्ञापन देकर एक महिला से ₹1,16,975 की ठगी की. मामले में शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और आरोपी तक पहुंची.

व्हाट्सऐप पर बनता था ज्वेलरी विक्रेता

जांच में सामने आया कि आरोपी इंस्टाग्राम पर आकर्षक और कम कीमत वाली ज्वेलरी के विज्ञापन पोस्ट करता था. विज्ञापन देखने के बाद जब ग्राहक संपर्क करते थे, तो आरोपी व्हाट्सऐप के जरिए खुद को ज्वेलरी विक्रेता बताकर भरोसा जीतता था. इसके बाद वह ऑनलाइन भुगतान करवाता, लेकिन रकम मिलने के बाद न तो ज्वेलरी भेजी जाती थी और न ही ग्राहकों के संदेशों का जवाब दिया जाता था. इसी तरह एक महिला से ₹1,16,975 की ठगी की गई.

क्रेडिट कार्ड भुगतान से छिपाई जाती थी मनी ट्रेल

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ठगी से प्राप्त रकम को सीधे कोटक महिंद्रा बैंक के क्रेडिट कार्डों का भुगतान करने में इस्तेमाल किया जाता था. ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि पैसों के लेनदेन की असली कड़ी छिपाई जा सके और जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके. पुलिस का मानना है कि यह तरीका साइबर अपराधियों द्वारा मनी ट्रेल छिपाने के लिए अपनाई गई एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा था.

मोबाइल और सिम कार्ड बरामद, साथी की तलाश जारी

गिरफ्तार आरोपी अंकित ठाकुर के कब्जे से पुलिस ने एक वीवो मोबाइल फोन और एक सक्रिय जियो सिम कार्ड बरामद किया है. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ठगी की रकम का 10 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखता था, जबकि शेष राशि अपने साथी शमीम को भेज देता था. पुलिस के मुताबिक, शमीम इस गिरोह का अहम सदस्य है और फिलहाल फरार है.

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पूरे साइबर गिरोह की जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस अब फरार आरोपी शमीम और इस साइबर ठगी गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले अत्यधिक सस्ते ऑफर और अनजान विक्रेताओं पर भरोसा करने से बचें तथा किसी भी ऑनलाइन खरीदारी से पहले विक्रेता की पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य करें.

भारत एक्सप्रेस



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