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‘Gen-Z बिना सोचे नकल करते हैं’, माता-पिता को मोहन भागवत ने दिखाया आइना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने Gen-Z, LGBTQ समुदाय और मोबाइल फोन की लत पर खुलकर अपनी बात रखी है. हैदराबाद में उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी दूसरों की देखा-देखी करती है.

Mohan Bhagwat

दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर हाल ही में हुए NEET विरोध प्रदर्शनों और CJP आंदोलन के बाद देश में ‘Gen-Z’ (1997 से 2012 के बीच पैदा हुई पीढ़ी) कल्चर पर बहस छिड़ गई है. इसी बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने रविवार को हैदराबाद में विश्व मांगल्य सभा के एक कार्यक्रम में नई पीढ़ी की मानसिकता, लिव-इन रिलेशनशिप और आधुनिकता पर बेहद करारी और बेबाक राय रखी है.

Gen-Z दूसरों की देखा-देखी करते हैं- Mohan Bhagwat

हालिया छात्र आंदोलनों के संदर्भ में बोलते हुए RSS चीफ ने Gen-Z युवाओं पर सीधा तंज कसा. उन्होंने कहा, “Gen-Z वाले दूसरों की देखा-देखी चीजें करते हैं. वे बहुत भावुक होते हैं और शांत मन से किसी भी बात पर विचार नहीं करते.” भागवत ने आगे कहा कि इस पीढ़ी को जो बात सही लग जाती है, वे बिना सोचे-समझे बस उसी ओर आकर्षित हो जाते हैं.

LGBTQ और आधुनिकता पर चौंकाने वाला रुख

कट्टर विचारों की धारणाओं को तोड़ते हुए भागवत ने स्पष्ट किया कि समय के साथ बदलना भी परंपराओं का नियम है. उन्होंने साफ कहा कि आधुनिकता का हमेशा स्वागत किया जाना चाहिए. सबसे अहम बात उन्होंने LGBTQ समुदाय को लेकर कही. भागवत ने कहा कि LGBTQ भी इसी समाज का हिस्सा हैं और उन्हें किसी भी तरह से हीन भावना या नीची दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए.

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घर से शुरू करो बदलाव

संघ प्रमुख ने बच्चों में बढ़ रही मोबाइल फोन की लत के लिए सीधे तौर पर माता-पिता को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, “बच्चा रोता है तो मां उसे तुरंत मोबाइल थमा देती है. माता-पिता खुद मोबाइल से चिपके रहते हैं.” उन्होंने नसीहत दी कि समाज में बदलाव के लिए सिर्फ सरकार या कानूनों की तरफ देखना बंद करें. परिवार के सदस्यों के बीच बातचीत बढ़ाएं, सोशल मीडिया का इस्तेमाल कम करें और जो आचरण आप बच्चों में देखना चाहते हैं, उसकी शुरुआत खुद से करें.



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