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BBC के दफ्तरों पर IT के छापे: विपक्ष ने सरकार पर आलोचना से डरने का आरोप लगाया तो बीजेपी ने कहा- संविधान के तहत हुई कार्रवाई

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद विनय विश्वम ने कहा कि आयकर विभाग की यह कार्रवाई सच की आवाज को दबाने का प्रयास है.

देश के प्रमुख विपक्षी दलों ने भारत में ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (बीबीसी) के कार्यालयों पर आयकर विभाग के ‘सर्वे ऑपरेशन’ को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह आलोचना से डरी हुई है तथा प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला कर रही है. दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने बीबीसी को विश्व का सबसे ‘‘भ्रष्ट बकवास कार्पोरेशन’’ करार दिया और कहा कि इस मीडिया समूह के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई नियमों और संविधान के तहत है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी सरकार में समय-समय पर प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला होता रहा है. यह सब आलोचनात्मक आवाजों को दबाने के लिए किया गया है. यदि संस्थाओं का उपयोग विपक्ष और मीडिया को दबाने के लिए होगा, तो कोई भी लोकतंत्र नहीं बच सकता.’’

सरकार के इस कदम का प्रतिरोध करेंगे

खरगे ने कहा कि लोग सरकार के इस कदम का प्रतिरोध करेंगे. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, “हम अडाणी मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) जांच की मांग कर रहे हैं और सरकार बीबीसी के पीछे पड़ गई है. विनाशकाले विपरीत बुद्धि.” कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार आलोचना से डरी हुई है. दूसरी तरफ, भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने बीबीसी पर भारत के खिलाफ ‘जहरीली’ रिपोर्टिंग करने का आरोप लगाया और कहा कि उसका दुष्प्रचार और कांग्रेस का एजेंडा साथ-साथ चलता है.

कांग्रेस द्वारा की गई आलोचना

भाटिया ने संवाददाता सम्मेलन में आयकर विभाग की कार्रवाई की कांग्रेस द्वारा की गई आलोचना की निंदा की और कहा कि सरकारी एजेंसी को अपना काम करने देना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए उन्हें याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी बीबीसी पर प्रतिबंध लगाया था. भाटिया ने कहा, ‘‘बीबीसी के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई नियमानुसार और संविधान के तहत हो रही है.’’ उन्होंने कहा कि भारत संविधान और कानून के तहत चलता है और आज केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार है.

सरकार पर निशाना साधा

कांग्रेस के अलावा कई अन्य विपक्षी दलों ने भी बीबीसी के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने आयकर विभाग के सर्वेक्षण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक ट्वीट में कहा, “मोदी जी, आप तानाशाही के चरम पर पहुंच गए हैं.”

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बीबीसी के कार्यालयों पर ‘‘छापेमारी’’

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने सवाल किया कि क्या बीबीसी के कार्यालयों पर ‘‘छापेमारी’’ के बाद ‘‘मिस्टर ए’’ पर छापा मारा जाएगा? उन्होंने यह बात परोक्ष रूप से अडाणी समूह के प्रमुख गौतम अडाणी पर हमला बोलते हुए कही. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने भारत में सवाल किया कि क्या भारत अब भी ‘लोकतंत्र की जननी’ है.

सच की आवाज को दबाने का प्रयास

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद विनय विश्वम ने कहा कि आयकर विभाग की यह कार्रवाई सच की आवाज को दबाने का प्रयास है. उन्होंने यह दावा भी किया कि यह कोई ‘सर्वे’ नहीं, बल्कि ‘छापेमारी’ की कार्रवाई है. आयकर विभाग ने मंगलवार को कथित कर चोरी की जांच के तहत दिल्ली और मुंबई में बीबीसी के कार्यालयों में एक ‘सर्वे ऑपरेशन’ चलाया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी. 2002 के गुजरात दंगों और भारत के संबंध में ब्रिटिश प्रसारक द्वारा दो-भाग के वृत्तचित्र को प्रसारित करने के कुछ सप्ताह बाद यह औचक कार्रवाई हुई है.

-पीटीआई-भाषा



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