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कौन है कनाडा का खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह, जिसे कनाडाई संघीय चुनावों में मिली करारी हार?

2025 के कनाडाई संघीय चुनाव में खालिस्तान समर्थक नेता जगमीत सिंह को मिली बड़ी हार. जानिए जगमीत सिंह से जुड़ी पूरी कहानी और भारत-कनाडा संबंधों पर इसका असर.

Khalistani Leader Jagmeet Singh

Khalistani Leader Jagmeet Singh: कनाडा की सियासत में कभी ‘किंगमेकर’ के रूप में उभरे जगमीत सिंह को बड़ा झटका लगा है. 2025 के कनाडाई संघीय चुनावों में जगमीत और उसकी पार्टी न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) को करारी हार मिली है. 2022 में एनडीपी ने जस्टिन ट्रूडो की सरकार बनवाने में अहम भूमिका निभाई थी.

जगमीत सिंह ने अपनी हार स्वीकार करते हुए एनडीपी के नेता पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया है. उन्होंने ब्रिटिश कोलंबिया की बर्नबे सेंट्रल सीट गंवा दी. हार का आलम ये है कि उनकी पार्टी भी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खोने की कगार पर है. कनाडा में किसी पार्टी को हाउस ऑफ कॉमन्स में आधिकारिक पार्टी का दर्जा पाने के लिए कम से कम 12 सीटें चाहिए, और एनडीपी इस लक्ष्य से काफी पीछे रह गई.

कौन हैं जगमीत सिंह?

46 वर्षीय जगमीत सिंह का जन्म कनाडा के टोरंटो में हुआ. उनके माता-पिता पंजाब, भारत से कनाडा आए थे. जगमीत ने वेस्टर्न ओंटारियो विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान में डिग्री हासिल की और फिर यॉर्क विश्वविद्यालय के ओसगूड हॉल लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई पूरी की.

पेशे से आपराधिक वकील रहे जगमीत ने 2011 में ओंटारियो की प्रांतीय विधानसभा के लिए चुनाव लड़ा. इसके बाद 2019 में उन्होंने ब्रिटिश कोलंबिया के बर्नबे में उपचुनाव जीतकर कनाडाई संसद में अपनी पहली सीट हासिल की. अपनी स्टाइलिश और आकर्षक पहचान के लिए मशहूर जगमीत को एक बार बजफीड ने “कनाडा का सबसे स्टाइलिश राजनेता” करार दिया था.

खालिस्तान समर्थन और विवाद

जगमीत सिंह का नाम कई विवादों से भी जुड़ा रहा है. वह खालिस्तान आंदोलन के समर्थक के रूप में जाने जाते हैं. 2013 में भारत ने उन्हें वीजा देने से इनकार कर दिया था. 2015 में उन्होंने एक खालिस्तानी रैली में हिस्सा लिया, जहां “खालिस्तान, खालिस्तान” के नारे लगाए गए और जरनैल सिंह भिंडरांवाले के बड़े-बड़े पोस्टर प्रदर्शित किए गए. भिंडरांवाले 1984 में स्वर्ण मंदिर पर हुए हमले का मास्टरमाइंड था.

भारत और कनाडा के बीच 2024 में जब खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद तनाव चरम पर था, तब भी जगमीत सिंह ने भारत के खिलाफ आवाज उठाई थी. इस मामले में जगमीत ने ट्रूडो सरकार के भारतीय राजनयिकों को निष्कासित करने के फैसले का समर्थन किया. उन्होंने कहा, “हम भारतीय राजनयिकों को निकालने के फैसले का समर्थन करते हैं. हम कनाडा सरकार से भारत पर राजनयिक प्रतिबंध लगाने, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर कनाडा में प्रतिबंध लगाने की मांग करते हैं.”


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-भारत एक्सप्रेस



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