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‘फलता का पुष्पा’ कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश, बार एसोसिएशन ने पैरवी से किया इनकार

Jahangir Khan Case: तृणमूल नेता जाहांगिर खान को भारी सुरक्षा के बीच डायमंड हार्बर महकमा अदालत में पेश किया गया. बार एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि आरोपी की ओर से कोई वकील पैरवी नहीं करेगा, जिससे मामला चर्चा में आ गया है.

Jahangir Khan Case:

Jahangir Khan Case:

Jahangir Khan Case: दक्षिण 24 परगना जिले की राजनीति में चर्चित नाम और ‘फलता का पुष्पा’ के नाम से पहचान रखने वाले तृणमूल नेता जाहांगिर खान को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच डायमंड हार्बर महकमा अदालत में पेश किया गया. उनकी पेशी को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था, जिसके चलते अदालत परिसर और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया. भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों की तैनाती की गई थी.

जाहांगिर खान की ओर से कोई वकील अदालत में पैरवी नहीं करेगा- बार एसोसिएशन

जाहांगिर खान के खिलाफ कई गंभीर आरोपों में मामला दर्ज है. जांच एजेंसियों के अनुसार, उनके विरुद्ध कई गैर-जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं. इसी कारण अदालत में पेशी के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बरती गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों की निगरानी में अदालत में पेश किया गया. इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चर्चित पहलू डायमंड हार्बर क्रिमिनल कोर्ट बार एसोसिएशन का फैसला रहा. बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि जाहांगिर खान की ओर से कोई वकील अदालत में पैरवी नहीं करेगा. एसोसिएशन के गेम सेक्रेटरी और अधिवक्ता सजल मंडल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आरोपी की ओर से कोई अधिवक्ता पेश होने को तैयार नहीं है.

जाहांगिर खान की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज

सजल मंडल ने आरोप लगाया कि जाहांगिर खान एक कुख्यात अपराधी है और उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं. उन्होंने बताया कि आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 117(2), 126(2), 305(B), 324(5), 109 और 308 समेत कई गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. हालांकि जांच एजेंसियों ने मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. अदालत में पेशी के दौरान लोगों में भी काफी उत्सुकता देखने को मिली. बड़ी संख्या में लोग अदालत परिसर के आसपास मौजूद रहे, हालांकि सुरक्षा कारणों से प्रवेश पर कई प्रतिबंध लगाए गए थे. जाहांगिर खान की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इस मामले पर लगातार नजर बनी हुई है. फिलहाल, कानून के अनुसार किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जाता जब तक अदालत में आरोप सिद्ध न हो जाएं. मामले की अगली सुनवाई और जांच के निष्कर्षों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.

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भारत एक्सप्रेस



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