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Jaipur Metro Phase 2: गुलाबी नगरी को जाम से मिलेगी मुक्ति, 918 करोड़ के प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी; जानें पूरा रूट

पिंक सिटी अब रफ्तार पकड़ेगी! जयपुर मेट्रो फेज-2 के लिए LOA जारी कर दिया गया है. 13,037 करोड़ के इस मेगा प्रोजेक्ट से प्रहलादपुरा से पिंजरापोल तक का सफर आसान होगा और ट्रैफिक के झंझट से राहत मिलेगी.

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Edited by Radha Priya

Jaipur Metro Phase 2: जयपुर की पहचान अब सिर्फ हवा महल और आमेर के किलों तक सीमित नहीं रहने वाली. गुलाबी नगरी की सड़कों पर जो गाड़ियों का शोर और घंटों का जाम आपको परेशान करता था, अब उससे स्थायी मुक्ति की तैयारी हो चुकी है. जयपुर मेट्रो फेज-2 के रूप में शहर के विकास का एक ऐसा ब्लू प्रिंट जमीन पर उतरने जा रहा है, जो अगले कुछ सालों में जयपुर की शक्ल बदल कर रख देगा.

कागजों से निकलकर जमीन पर पहुंचा काम

लंबे समय से जयपुर मेट्रो के विस्तार की चर्चाएं तो खूब हो रही थीं, लेकिन अब एक बड़ी खुशखबरी आई है. जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने फेज-2 के लिए 918.04 करोड़ रुपये का ‘लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस’ (LOA) जारी कर दिया है. आसान भाषा में कहें तो अब यह प्रोजेक्ट महज फाइलों में नहीं, बल्कि हकीकत में शुरू होने वाला है. सरकार ने इस काम के लिए हरी झंडी दिखा दी है और बजट का इंतजाम भी पक्का हो गया है.

12 किलोमीटर का सफर, 10 नए स्टेशन

इस प्रोजेक्ट के पहले हिस्से में करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया जाएगा. यह रूट शहर के उन इलाकों से गुजरेगा जहां आज के समय में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती. मेट्रो का यह सफर प्रहलादपुरा से शुरू होकर पिंजरापोल गोशाला तक जाएगा. इसमें प्रहलादपुरा, मानपुरा, बीलवा कलां, बीलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, JECC, कुंभा मार्ग और हल्दीघाटी गेट जैसे कुल 10 स्टेशन शामिल होंगे.

खास बात यह है कि यह मेट्रो कॉरिडोर सीतापुरा जैसे इंडस्ट्रियल एरिया और JECC जैसे बड़े सेंटर्स को जोड़ेगा. इसका सीधा फायदा उन हजारों कर्मचारियों और युवाओं को होगा जिन्हें रोज ऑफिस जाने के लिए ट्रैफिक में जूझना पड़ता है.

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स्पर लाइन और डिपो की सुविधा

सिर्फ मुख्य ट्रैक ही नहीं, बल्कि ट्रेनों के बेहतर रखरखाव के लिए एक विशेष ‘स्पर लाइन’ भी बनाई जा रही है. इससे मेट्रो डिपो तक पहुंच आसान होगी और ट्रेनों का संचालन बिना किसी बाधा के हो सकेगा. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी इस प्रोजेक्ट को लेकर सख्त रुख अपनाया है और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कुल 41 किलोमीटर के प्रस्तावित नेटवर्क में से बाकी बचे 29 किलोमीटर के लिए भी टेंडर प्रक्रिया में कोई देरी न की जाए.

13 हजार करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

बता दें कि केंद्र सरकार ने इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 13,037 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को पहले ही मंजूरी दे दी है. यह सिर्फ ईंट और पत्थर का ढांचा नहीं है, बल्कि नए जयपुर की बुनियाद है. जयपुर के लोगों के लिए यह प्रोजेक्ट किसी वरदान से कम नहीं है. अब इंतज़ार है तो बस उस दिन का जब जयपुरवासी बिना किसी जाम के डर के, शान से मेट्रो की रफ़्तार का आनंद लेंगे.

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-भारत एक्सप्रेस



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