Jaipur House Dispute: राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक चौड़ा रास्ता इलाके में एक मकान की बिक्री को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय निवासियों ने ‘डिस्टर्ब एरिया’ (Disturbed Area) कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से की है.
जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित युवराज व्यास की गली में मकान नंबर 1814 की बिक्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय निवासियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि ‘डिस्टर्ब एरिया’ कानून लागू होने के बावजूद प्रशासनिक अनुमति के बिना मकान की रजिस्ट्री कराई गई है. मकान के बाहर मंदिर होने और नए खरीदार द्वारा ताला लगाने से इलाके में असंतोष है. शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से रजिस्ट्री की वैधता की जांच करने और बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.
क्या है मामला? (Jaipur property registration dispute)
जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित युवराज व्यास की गली में मकान नंबर 1814 के हस्तांतरण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि एक हिंदू परिवार ने अपना मकान प्रशासनिक अनुमति के बिना एक मुस्लिम खरीदार को बेच दिया और उसकी रजिस्ट्री भी करवा ली.
शिकायतकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दावा किया है कि इस क्षेत्र में डिस्टर्ब एरिया कानून लागू है. नियम के मुताबिक, इस तरह के संवेदनशील क्षेत्रों में संपत्ति की खरीद-फरोख्त से पहले जिला प्रशासन या कलेक्टर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होता है. निवासियों का आरोप है कि इस बिक्री के पीछे इलाके का जनसांख्यिकीय (demographic) स्वरूप बदलने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की मंशा हो सकती है.
कलेक्टर की अनुमति के बिना यह बिक्री अवैध (Rajasthan Disturbed Areas Act)
विवाद को और हवा इस बात से भी मिली है कि संबंधित मकान के ठीक बाहर एक शिव मंदिर स्थित है. स्थानीय लोगों के अनुसार, नए खरीदार ने मकान पर ताला लगा दिया है, जिससे क्षेत्रवासियों में असंतोष व्याप्त है. शिकायतकर्ता भारत शर्मा का कहना है कि राजस्थान में लागू डिस्टर्ब एरिया कानून के तहत कलेक्टर की अनुमति के बिना यह बिक्री अवैध है. उन्होंने प्रशासन से रजिस्ट्री की वैधता की पड़ताल करने, बिक्री रद्द करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
समाचार में दिए गए सभी आरोप स्थानीय शिकायतकर्ताओं के दावों पर आधारित हैं. इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या जांच रिपोर्ट जारी नहीं की गई है.
यह भी पढ़ें-इमाम बनाने का झांसा…और बना लिया गुलाम! नौकरी की तलाश में ओमान पहुंचे फैजान, जानें खौफनाक कहानी
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

