जयपुर में नगर निगम चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. हवामहल विधानसभा क्षेत्र के संजय नगर इलाके में रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया है कि उनके नाम जिस वार्ड में होने चाहिए, नई वोटर लिस्ट में उन्हें उससे अलग वार्ड में दर्ज कर दिया गया है. मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और जल्द से जल्द सूची में सुधार की मांग की है.
विवाद संजय नगर के C और D ब्लॉक से जुड़ा है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि परिसीमन के आधिकारिक नक्शे में इलाके का संबंध वार्ड 146 से है. लेकिन नई मतदाता सूची में यहां रहने वाले कई लोगों के नाम वार्ड 147 की भाग संख्या 18 में दर्ज दिखाई दे रहे हैं.
यही बात अब पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह बन गई है कि जब इलाका वार्ड 146 में आता है, तो वहां रहने वाले मतदाताओं के नाम वार्ड 147 की सूची में कैसे पहुंच गए?
सैकड़ों मतदाताओं के नाम बदलने का आरोप
स्थानीय लोगों का दावा है कि यह मामला एक-दो नामों तक सीमित नहीं है. C ब्लॉक के कुछ हिस्से और D ब्लॉक के मतदाताओं के नाम कथित तौर पर दूसरे वार्ड की सूची में चले गए हैं. प्रभावित लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नामों का एक साथ दूसरे वार्ड में दर्ज होना महज सामान्य तकनीकी गलती मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
मामले ने इसलिए भी राजनीतिक रंग ले लिया है क्योंकि कुछ शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में बदलाव से किसी एक राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो सकती है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी.
जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत
वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी को लेकर स्थानीय लोगों ने जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने शिकायत दर्ज कराई है. उनकी मांग है कि परिसीमन के नक्शे और मौजूदा मतदाता सूची का दोबारा मिलान कराया जाए और जिन मतदाताओं के नाम गलत वार्ड में दर्ज हैं, उन्हें तत्काल सही वार्ड में शामिल किया जाए.
लोगों का कहना है कि चुनाव नजदीक होने के कारण इस मामले में देरी उनके लिए परेशानी खड़ी कर सकती है. अगर समय रहते सूची में सुधार नहीं हुआ तो मतदान बहिष्कार जैसे कदम उठाने की चेतावनी भी दी गई है.
विधायक ने दिया जल्द समाधान का भरोसा
विवाद के बीच हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया है. अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है. उनका कहना है कि चुनाव में मतदान हर नागरिक का अधिकार है और मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी को समय रहते ठीक किया जाना जरूरी है.
फिलहाल सबसे अहम सवाल यही बना हुआ है कि अगर परिसीमन के नक्शे में C और D ब्लॉक वार्ड 146 का हिस्सा हैं, तो वोटर लिस्ट में इन मतदाताओं के नाम वार्ड 147 में क्यों दर्ज हुए? क्या यह महज रिकॉर्ड अपडेट करने के दौरान हुई तकनीकी गलती है या इसके पीछे कोई और वजह है?
चुनाव की तारीख करीब आने के साथ यह सवाल और महत्वपूर्ण हो गया है. संजय नगर के लोगों को अब प्रशासन से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट जवाब और मतदाता सूची में जल्द सुधार की उम्मीद है. साथ ही, राजनीतिक फायदा पहुंचाने के लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी जोर पकड़ रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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