Jammu Fake Currency Case
Jammu Fake Currency Case: जम्मू में नकली करेंसी तैयार करने के कथित नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है. सैनिक कॉलोनी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से नकली नोट तैयार करने वाली मशीन, ₹13,500 की नकली करेंसी, नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की गई है. इसके अलावा आरोपियों के पास से एक धारदार हथियार भी मिला है.
किराए के मकान में चल रहा था कथित खेल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी 19 सितंबर 2026 से अपर चौवाड़ी, सैनिक कॉलोनी में एक किराए के मकान में रह रहे थे. पुलिस के अनुसार, इसी मकान से नकली नोट तैयार करने से जुड़ी सामग्री बरामद की गई. यह मकान अरशद अली पुत्र नजीर अहमद का बताया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मकान में आरोपी किस उद्देश्य से रह रहे थे और कथित तौर पर नकली करेंसी तैयार करने का काम कब से चल रहा था.
तीन राज्यों से जुड़े हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विजय साहनी, राहुल अहिरवार और इंदरपाल कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार विजय साहनी मूल रूप से सिवान, बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में प्रीत नगर, डिगियाना, जम्मू में रह रहा था. वहीं राहुल अहिरवार मध्य प्रदेश के छतरपुर का रहने वाला है और जम्मू के मार्बल मार्केट स्थित एसडीडीएम अस्पताल के सामने रह रहा था. तीसरा आरोपी इंदरपाल कुमार झारखंड के साहिबगंज का रहने वाला है और त्रिकुटा नगर के सेक्टर-1 बी में रह रहा था.
₹13,500 की नकली करेंसी ने खोला राज
पुलिस की कार्रवाई में 13,500 रुपये की नकली करेंसी बरामद होना इस मामले की अहम कड़ी माना जा रहा है. इसके साथ ही नकली नोट बनाने वाली मशीन और दूसरे उपकरण भी जब्त किए गए हैं. हालांकि, बरामद मशीन का इस्तेमाल किस स्तर पर और कितने समय से किया जा रहा था, इसकी जांच अभी जारी है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक धारदार हथियार भी बरामद किया है. ऐसे में जांच टीम अब हथियार रखने के उद्देश्य और नकली करेंसी के कथित नेटवर्क के बीच किसी संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है.
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पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस पोस्ट सैनिक कॉलोनी ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी कथित तौर पर नकली नोट कब से तैयार कर रहे थे और इन नोटों को कहां-कहां खपाया गया.
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में सिर्फ तीन आरोपी शामिल हैं या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली करेंसी तैयार करने की मशीन और अन्य सामग्री आरोपियों तक कैसे पहुंची. जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां या बरामदगी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
भारत एक्सप्रेस
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