Maharashtra News: महाराष्ट्र के कल्याण पश्चिम इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. हाल ही में रविवार को आधारवाड़ी जेल और खड़कपाड़ा इलाके में आवारा कुत्तों ने ऐसा तांडव मचाया कि महज एक ही दिन में करीब 130 लोगों को अपना शिकार बना लिया. इतने बड़े पैमाने पर लोगों के काटे जाने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. अचानक हुए इन हमलों में घायल हुए लोगों में से 25 का इलाज अभी भी अस्पतालों में चल रहा है जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है.
घरों से बाहर निकलना हुआ मुश्किल
स्थानीय लोगों का कहना है कि गलियों, सड़कों और सोसायटियों के बाहर आवारा कुत्तों के झुंड के झुंड घूम रहे हैं. स्थिति यह है कि बच्चे खेलकूद के लिए बाहर नहीं जा पा रहे हैं और बुजुर्ग तथा महिलाएं भी बुरी तरह सहमे हुए हैं. लोग अब अपने ही मोहल्लों में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं.
ये भी पढे़ं- रांची की गूंज संसद तक: छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में NDA का मार्च, लगे ‘राहुल भागो मत’ के नारे
सुरक्षा बनाम पशु प्रेम की बहस
इस घटना के बाद एक बार फिर पुरानी बहस छिड़ गई है. एक तरफ जहां पशु प्रेमी और एनजीओ बेजुबान जानवरों की सुरक्षा और उनके साथ मानवीय व्यवहार की वकालत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिकों का सवाल है कि क्या इंसानी जान की कोई कीमत नहीं है? जनता का साफ कहना है कि जानवरों से प्यार अपनी जगह है, लेकिन नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
सुप्रीम कोर्ट के भी इस मामले को लेकर कई दिशा-निर्देश हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन इस समस्या पर लगाम लगाने में अब तक नाकाम नजर आया है. एक ही दिन में 130 लोगों का घायल होना इस बात का सबूत है कि स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


