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Kannauj:”साहब सबसे भ्रष्ट बिजली विभाग है, यह लड़कों को रखकर नशे का आदी बनाता है”, लिखकर बिजली विभाग के कर्मचारी ने की आत्महत्या

सुसाइड नोट में युवक ने एक ठेकेदार पर पैसे न देने का भी आरोप लगाया है. वहीं इस प्रकरण में कोतवाल प्रभारी अजय पाठक ने मामले की जांच करने की बात कही है.

सुसाइड नोट के साथ मृतक की फाइल फोटो

हिमांशु द्विवेदी

Kannauj: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के दावे को लगातार ताख पर रखकर सरकारी विभागों में करप्शन का खेल अधिकारी व कर्मचारी जारी रखे हुए हैं. प्रदेश में लगातार भ्रष्टाचार की भेंट जिंदगियां चढ़ रही हैं. इसका ताजा उदाहरण उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से सामने आ रहा है, जहां बिजली विभाग में कार्यरत एक युवक ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में अपनी मौत की वजह बिजली विभाग को बताया है और लिखा है कि “साहब सबसे भ्रष्ट बिजली विभाग है, यह लड़कों को रखकर नशे का आदी बनाता है.” इस चौंकाने वाले सुसाइड नोट के सामने आने के बाद बिजली विभाग में हड़कम्प मच गया है.

वैसे तो ये जगजाहिर है कि प्रदेश के सरकारी विभागो में किस तरह से भ्रष्टाचार व्याप्त है. इससे हर आम नागरिकों को प्रतिदिन दो-चार तो होना ही पड़ता है, लेकिन इस भ्रष्टाचार की वजह से कोई जान दे दे तो इसे क्या कहा जाए? हालांकि ये पहली बार नहीं है जब किसी युवक ने किसी सरकारी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण अपनी जान दे दी है. मृतक के सुसाइड नोट ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिससे साफ होता है कि बिजली विभाग में नौजवानों को नशे का आदी बनाया जा रहा है. तो दूसरी ओर इस सुसाइड नोट के मिलने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है.

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मामला कन्नौज के छिबरामऊ के इब्राहिम गंज से सामने आया है. यहां के निवासी 25 वर्षीय सचिन बैंस पुत्र मदन सिंह बैंस, बिजली विभाग की छिबरामऊ यूनिट में तैनात थे. सचिन वहां पर कॉन्ट्रेक्ट पर कार्य कर रहा था, लेकिन बुधवार सुबह जब घरवाले उसके कमरे में पहुंचे तो देखा कि उसका शव फंदे से झूल रहा है. इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया. तो वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव के पास छानबीन की तो एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें बिजली विभाग के खिलाफ चौंकाने वाला खुलासा किया गया है. वहीं इस प्रकरण में कोतवाल प्रभारी अजय पाठक का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.

देंखें क्या लिखा है सुसाइड नोट में

जहां मृतक की मौत से परिवार सदमे में हैं तो वहीं एक बार फिर से सरकारी दफ्तरों में ठेकेदार और अधिकारियों के बीच सांठ गांठ का मामला उजागर हुआ है. इस सुसाइड नोट में सचिन ने लिखा है कि, “मैं सचिन सिंह बैंस उर्फ़ शम्मी ठाकुर, 2022 से बिजली विभाग में ठेकेदार प्रभात दुबे के साथ काम कर रहा हूं. पर वह मेरा बकाया नहीं दे रहे हैं.” इसी के साथ मृतक ने मरने से पहले बिजली विभाग का बड़ा सच उजागर करते हुए लिखा कि,”साहेब सबसे भ्रष्ट बिजली विभाग है. यह लड़कों को काम पर रख कर उन्हें नशे का आदी बनाता है.”

-भारत एक्सप्रेस



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