कर्नाटक की राजनीति में जिस चीज का सबसे लंबे समय से इंतज़ार था, वह घड़ी आ गई है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) की कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को अंततः आलाकमान की हरी झंडी मिल गई है. दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे, राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला के साथ कई दौर की मैराथन बैठकों के बाद नई कैबिनेट की लिस्ट फाइनल कर ली गई है. सूत्रों के मुताबिक, सोमवार (3 अगस्त) शाम 4 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है.
शाम को राजभवन में शपथ
प्रक्रिया सोमवार को ही निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा संभावित मंत्रियों की फाइनल सूची मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सौंप दी गई है. इसके बाद सीएम अंतिम मंजूरी के लिए इस लिस्ट को राज्यपाल को भेजेंगे. राजभवन में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण शाम करीब 4 बजे होने की प्रबल संभावना है. राज्य में फिलहाल एक ही उपमुख्यमंत्री हैं और संकेत यही हैं कि उपमुख्यमंत्री पद में कोई बदलाव नहीं होगा.
जातीय संतुलन और सिद्धारमैया समर्थकों को तरजीह
इस कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय, जातीय, सामुदायिक और लैंगिक संतुलन को विशेष ध्यान में रखा गया है. मुस्लिम समुदाय, महिलाओं, अंहिदा वर्ग और युवाओं को प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है. इसके साथ ही, सीएम शिवकुमार और पूर्व सीएम सिद्धारमैया समर्थक विधायकों के बीच भी बैलेंस बनाया गया है.
ये भी पढ़ें: बुमराह हुए बाहर! अब उनकी जगह कौन? श्रीलंका दौरे के लिए भारत के पास हैं ये तीन विकल्प
ये 18 चेहरे हो सकते हैं शामिल
सूत्रों का दावा है कि करीब 18 से 20 विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा. चर्चा में जो नाम सबसे आगे हैं, उनमें रिजवान अर्शद, कनीज फातिमा, तनवीर सैत, पोंनन्ना, एस.एस. मल्लिकार्जुन, लक्ष्मण सावदी, यशवंतराय गौड़ा पाटिल, शरद बच्चेगौड़ा, चेलुवरयास्वामी, संतोष लाड, नयना मोटम्मा, लक्ष्मी हेब्बालकर और मधु बंगारप्पा प्रमुख हैं. डीके शिवकुमार विशेष रूप से लक्ष्मी हेब्बालकर को मंत्रिमंडल में शामिल कराने के पक्ष में हैं. शाम 4 बजे तक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी कि आखिर किसका पलड़ा भारी रहा.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

