Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

कटिहार ITI कॉलेज में नंबर बढ़ाने का खेल, छात्रों से ₹3600 वसूली का आरोप, बिना रसीद हो रही उगाही

कटिहार के एक आईटीआई कॉलेज में छात्रों ने फॉर्म भरने, अटेंडेंस बनवाने और परीक्षा में नंबर बढ़ाने के नाम पर ₹3600-₹3600 वसूले जाने का आरोप लगाया है. छात्रों का दावा है कि बिना रसीद पैसे लिए गए, जबकि कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है.

Katihar ITI College Bihar

Katihar ITI college fee collection controversy: कटिहार के एक आईटीआई कॉलेज में छात्रों से फॉर्म भरने, अटेंडेंस बनवाने और परीक्षा में नंबर बढ़ाने के नाम पर कथित तौर पर ₹3600-₹3600 की वसूली किए जाने का मामला सामने आया है. इस आरोप ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, पीड़ित छात्रों का कहना है कि उनसे अलग-अलग शैक्षणिक कार्यों के नाम पर पैसे लिए गए, लेकिन बदले में किसी प्रकार की रसीद नहीं दी गई.

परीक्षा में नंबर बढ़ाने पर लिए जा रहे रूपए

छात्रों के अनुसार, पैसे वसूलने के लिए कॉलेज के ही एक छात्र को माध्यम बनाया गया था. आरोप है कि उक्त छात्र कुछ शिक्षकों का नाम लेकर छात्रों से रकम जमा करवाता था. कई छात्रों ने दावा किया है कि उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से पैसे ट्रांसफर किए हैं और इसके प्रमाण के तौर पर ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट भी दिखाए हैं. छात्रों का कहना है कि पैसे नहीं देने पर अटेंडेंस, फॉर्म संबंधी कार्यों और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में परेशानी होने की बात कही जाती थी.मामला तब और गंभीर हो गया जब छात्रों ने इसकी शिकायत कॉलेज प्रशासन से की.

छात्रों ने प्रिंसिपल पर लगाया आरोप

छात्रों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद कॉलेज के प्रिंसिपल ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. इससे छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई है. वहीं, जिस छात्र के खाते या मोबाइल नंबर पर पैसे भेजे जाने की बात सामने आई है, उसने मीडिया के सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दिया. उसके जवाबों को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.

दोषी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

दूसरी ओर, कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल पूजा कुमारी ने कहा कि उन्हें इस प्रकार की किसी वसूली की जानकारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि मीडिया के माध्यम से ही उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली है. वाइस प्रिंसिपल ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि कॉलेज प्रशासन को इस कथित वसूली की जानकारी नहीं थी, तो छात्रों से हजारों रुपये किसके निर्देश पर लिए जा रहे थे. साथ ही यह भी जांच का विषय है कि नंबर बढ़ाने और अटेंडेंस के नाम पर वसूली का यह कथित खेल कब से चल रहा था. अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी.

भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital