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KAUMARACON 2026: AIIA में जुटेंगे दुनिया भर के विशेषज्ञ, बच्चों के स्वास्थ्य पर होगा मंथन; उपराष्ट्रपति करेंगे उद्घाटन

KAUMARACON 2026: नई दिल्ली के AIIA में 15 से 17 अक्टूबर तक KAUMARACON 2026 का आयोजन होगा. अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद बाल चिकित्सा सम्मेलन का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन करेंगे.

International Ayurveda Pediatrics Conference to be held at AIIA

AIIA में होगा अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद बाल चिकित्सा सम्मेलन

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) में 15 से 17 अक्टूबर 2026 तक KAUMARACON 2026 का आयोजन किया जाएगा. आयुष मंत्रालय के अधीन काम करने वाला यह प्रमुख संस्थान इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा. कार्यक्रम का आयोजन AIIA के सरिता विहार परिसर में किया जाएगा, जहां देश और विदेश से आने वाले विशेषज्ञ बाल स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार साझा करेंगे.

यह सम्मेलन आयुर्वेद की बाल चिकित्सा शाखा यानी कौमारभृत्य पर केंद्रित होगा. इसमें शिक्षाविद, डॉक्टर, शोधकर्ता, विद्यार्थी और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे. सम्मेलन का उद्देश्य आयुर्वेद आधारित बाल चिकित्सा सेवाओं, अनुसंधान और व्यावहारिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा को आगे बढ़ाना है.

उपराष्ट्रपति करेंगे उद्घाटन

15 अक्टूबर को होने वाले उद्घाटन समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. उनके साथ आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव भी उपस्थित रहेंगे.

इस कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) की अध्यक्ष डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी. आयोजन से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इन गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी सम्मेलन को विशेष महत्व प्रदान करेगी.

AIIA की उपलब्धियों पर डाला जाएगा प्रकाश

AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति ने संस्थान की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2002 में इसकी अवधारणा तैयार की गई थी और 2017 में प्रधानमंत्री द्वारा इसे राष्ट्र को समर्पित किया गया था. अब संस्थान अपने दसवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है.

उन्होंने कहा कि इस दौरान AIIA ने शिक्षा, उपचार और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. नई दिल्ली स्थित संस्थान में 200 से अधिक भर्ती मरीजों के लिए बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है. साथ ही आधुनिक जांच और उपचार सुविधाएं भी विकसित की गई हैं.

प्रो. प्रजापति के अनुसार, संस्थान का लक्ष्य आयुर्वेद को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर और मजबूत करना है. वर्ष 2022 में AIIA गोवा की स्थापना के बाद इसके कार्यक्षेत्र में और विस्तार हुआ है. उन्होंने कहा कि KAUMARACON 2026 बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुर्वेद की भूमिका को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी अग्रणी

AIIA, दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध है और यहां स्नातकोत्तर तथा पीएचडी स्तर के अध्ययन और शोध कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं. संस्थान को NAAC की ओर से A++ ग्रेड प्राप्त है.

संस्थान में आंतरिक शोध परियोजनाओं के अलावा बाहरी वित्तपोषित और उद्योग समर्थित रिसर्च भी चल रही हैं. इसके साथ ही AIIA नियमित रूप से तीन शोध पत्रिकाओं का प्रकाशन भी करता है, जिससे आयुर्वेदिक ज्ञान और वैज्ञानिक अध्ययनों को बढ़ावा मिलता है.

क्या है कौमारभृत्य?

कौमारभृत्य आयुर्वेद की वह विशेष शाखा है जो बच्चों के संपूर्ण स्वास्थ्य और विकास पर केंद्रित होती है. इसके अंतर्गत शिशुओं और बच्चों की वृद्धि, पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक स्वास्थ्य और विभिन्न बीमारियों के उपचार जैसे विषय आते हैं.

यह शाखा केवल रोगों के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के समग्र विकास पर भी जोर देती है ताकि उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत बेहतर बनी रहे.

बच्चों को मिल रही विशेष स्वास्थ्य सेवाएं

AIIA के कौमारभृत्य विभाग में बच्चों के लिए ओपीडी और आईपीडी दोनों प्रकार की सेवाएं उपलब्ध हैं. यहां नवजात शिशु देखभाल, नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU), टीकाकरण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और त्वचा रोगों के उपचार जैसी सुविधाएं दी जाती हैं.

विभाग की एक खास पहल बच्चों के कैंसर मरीजों के लिए संचालित विशेष ओपीडी सेवा भी है. अस्पताल के इस विभाग में प्रतिदिन करीब 120 से 150 बच्चों को चिकित्सा परामर्श और उपचार प्रदान किया जाता है.

KINDER Lab से मिल रहा शोध को बढ़ावा

बाल स्वास्थ्य अनुसंधान को मजबूत करने के लिए विभाग ने KINDER Lab की स्थापना की है. इसका पूरा नाम Kaumarabhritya Initiative for Neurology, Dermatology, Respiratory and Related Areas है.

यह प्रयोगशाला बाल चिकित्सा से जुड़े विभिन्न रोगों के अध्ययन, मूल्यांकन और अनुसंधान में सहायता प्रदान करती है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सुविधाएं आयुर्वेदिक बाल चिकित्सा को वैज्ञानिक आधार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

बच्चों के स्वास्थ्य को बताया राष्ट्र निर्माण की बुनियाद

AIIA के कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष और KAUMARACON 2026 के आयोजन अध्यक्ष प्रो. डॉ. राजगोपाल एस. ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसके बच्चों पर निर्भर करता है. इसलिए उनकी सेहत और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए.

उन्होंने बताया कि कौमारभृत्य बच्चों की पोषण संबंधी जरूरतों, रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और विभिन्न रोगों के प्रबंधन जैसे विषयों को समग्र रूप से संबोधित करता है.

उनके अनुसार, इस सम्मेलन के जरिए विशेषज्ञों के बीच वैज्ञानिक जानकारी का आदान-प्रदान होगा और आयुर्वेद बाल चिकित्सा के क्षेत्र में नए सहयोग के अवसर भी सामने आएंगे.

500 से ज्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद

KAUMARACON का यह तीसरा संस्करण है. इससे पहले 2019 और 2023 में राजस्थान के जोधपुर स्थित आयुर्वेद विश्वविद्यालय में इसका आयोजन किया जा चुका है.

इस बार सम्मेलन में देशभर से 500 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है. इनमें चिकित्सक, शिक्षक, शोधकर्ता, स्नातकोत्तर छात्र और आयुर्वेद विशेषज्ञ शामिल होंगे.

इसके अलावा ब्राजील, अमेरिका, जर्मनी, श्रीलंका और नेपाल के विशेषज्ञ भी ऑनलाइन माध्यम से इस सम्मेलन में भाग ले सकते हैं.

वैज्ञानिक सत्रों में होगी गहन चर्चा

सम्मेलन के दौरान आयुरइन्फॉर्मेटिक्स और बाल चिकित्सा निदान से जुड़े विषयों पर प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशाला आयोजित की जाएगी.

तीन दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम में एक विशेष व्याख्यान, छह प्रमुख वैज्ञानिक सत्र और 12 समानांतर तकनीकी सत्र आयोजित होंगे. इनमें से एक सत्र अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को समर्पित रहेगा.

आयोजकों के मुताबिक, सम्मेलन में 175 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे. इनमें नए शोध, चिकित्सकीय अनुभव और उपचार के नवीन तरीकों पर चर्चा होगी.

स्थापना दिवस के साथ होगा समापन

17 अक्टूबर को AIIA अपना स्थापना दिवस भी मनाएगा. इसी दिन KAUMARACON 2026 का औपचारिक समापन होगा.

स्थापना दिवस कार्यक्रम में संस्थान की उपलब्धियों, रोगी सेवाओं, शोध कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों को प्रस्तुत किया जाएगा. इसमें संस्थान के शिक्षक, छात्र, शोधकर्ता, चिकित्सक और अन्य आमंत्रित अतिथि शामिल होंगे.

साथ ही भविष्य में आयुर्वेद शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान को और मजबूत बनाने की योजनाओं पर भी विचार किया जाएगा.

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बाल स्वास्थ्य में आयुर्वेद को नई दिशा देने की कोशिश

KAUMARACON 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि आयुर्वेद आधारित बाल चिकित्सा को नई पहचान देने का प्रयास है. इस मंच के माध्यम से विशेषज्ञ शोध, चिकित्सा अनुभव और नई तकनीकों को साझा करेंगे.

AIIA का मानना है कि ऐसे सम्मेलन न सिर्फ वैज्ञानिक संवाद को बढ़ावा देते हैं, बल्कि देश की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था में आयुर्वेद की प्रभावी भूमिका को भी मजबूत बनाते हैं. बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समग्र विकास के लिए यह आयोजन आने वाले समय में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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