केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे ने आज ‘खेलो इंडिया मान्यता प्राप्त’ वेटलिफ्टिंग वॉरियर्स अकादमी, मोदीनगर का दौरा किया. इस दौरान उनके साथ ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू, मुख्य राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा, इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष सहदेव यादव, और सीईओ अश्वनी कुमार भी मौजूद रहे.
यह अत्याधुनिक अकादमी विजय शर्मा द्वारा स्थापित की गई है और खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत संचालित हो रही है. यह संस्थान न केवल भविष्य के चैंपियनों को तराशने का काम कर रहा है, बल्कि एक समग्र खेल विकास मॉडल का उदाहरण भी बन चुका है.

ओलंपिक पदक विजेता भी रहीं मौजूद
यहां एथलीटों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पोषण, प्रदर्शन विश्लेषण, चोट से बचाव व पुनर्वास सुविधाएं दी जा रही हैं. अकादमी के आवासीय खंड में 30 कमरे हैं, जहां 60 एथलीट रह सकते हैं. वर्तमान में 8-14 वर्ष की आयु के 40 युवा खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं, जिनके साथ 15 सीनियर खिलाड़ी, जिनमें मीराबाई चानू भी शामिल हैं, अभ्यास करते हैं.
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए मंत्री खडसे ने कहा, खेलो भारत नीति 2025’ के तहत हमारा लक्ष्य न केवल प्रतिभा को पहचानना है, बल्कि उसे बनाए रखने के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सामुदायिक भागीदारी भी सुनिश्चित करना है. जब महिलाएं भार उठाती हैं, तब पूरा देश उठता है.

भारत को खेल महाशक्ति बनाने की पहल
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है, जहां कोई प्रतिभा अनदेखी न रह जाए और कोई सपना अधूरा न छूटे. मंत्री खडसे ने अकादमी की सराहना करते हुए कहा कि खेलो इंडिया जैसी पहल भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं.
मीराबाई चानू की मौजूदगी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है, जो यह दर्शाती है कि समर्पण और सर्वोत्तम संसाधनों के माध्यम से वैश्विक मंच पर सफलता पाई जा सकती है.
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