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मध्य प्रदेश: विधानसभा चुनाव में अभी वक्त, लेकिन बीजेपी और कांग्रेस ने कसी कमर

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी दो साल का समय बाकी है, लेकिन बीजेपी और कांग्रेस ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं. बीजेपी जहां हारी हुई 66 सीटों को जीतने की रणनीति बना रही है, वहीं कांग्रेस ने 200 सीटें जीतने का दावा किया है.

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Edited by Vaibhav Gupta

MP Politics: अजय भटनागर/भोपाल: मध्य प्रदेश में अगले विधानसभा चुनावों में भले ही अभी दो साल से ज्यादा का वक्त बाकी है, लेकिन सूबे का सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है. सत्ताधारी बीजेपी हो या मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, दोनों ही पार्टियों ने चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है. चुनावी मैदान में उतरने से काफी पहले ही दोनों दलों ने न केवल अपनी-अपनी जीत के हुंकार भरे हैं, बल्कि पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के बड़े-बड़े दावे भी ठोक दिए हैं.

BJP की हारी हुई सीटों पर खास नजर

हाल ही में बीजेपी संगठन की कोर कमेटी की एक अहम बैठक भोपाल में संपन्न हुई. इस बैठक में पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी, सह-प्रभारी और संगठन महामंत्री शामिल हुए. बैठक में पिछली बार हारी हुई 66 सीटों और कमजोर बूथों को सबसे बड़ी चुनौती मानते हुए रणनीति तैयार की गई.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि संगठन इन क्षेत्रों के लिए विशेष जिम्मेदारियां तय करेगा. पार्टी का पूरा फोकस उन विधानसभा क्षेत्रों पर रहेगा जहां फिलहाल कांग्रेस का कब्जा है, ताकि आगामी चुनाव में वहां भगवा परचम लहराया जा सके.

कांग्रेस का 200 सीटें जीतने का बड़ा दावा

दूसरी तरफ, बीजेपी की इन रणनीतियों पर पलटवार करने में कांग्रेस भी पीछे नहीं रही. प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए एक बड़ा दावा कर दिया. उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में कांग्रेस 230 में से 200 से अधिक सीटें जीतकर भारी बहुमत से प्रदेश में अपनी सरकार बनाएगी. दतिया उपचुनाव में मिली सफलता और राहुल गांधी के दौरों से उत्साहित कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने की पूरी कोशिश कर रही है.

क्लीन स्वीप का सपना बनाम एकजुटता की परीक्षा

लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटें जीतकर बुलंद हौसलों के साथ मैदान में डटी बीजेपी अब नए नेतृत्व के दम पर विधानसभा में भी क्लीन स्वीप का लक्ष्य लेकर चल रही है. वहीं, कांग्रेस अपने काडर को एकजुट रखकर सत्ता में वापसी की राह तलाश रही है. अब देखना दिलचस्प होगा कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आएंगे, दोनों दलों का यह शुरुआती उत्साह धरातल पर कितना टिक पाता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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