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सफेद कोट पर लगा काला दाग! बच्ची से कुकर्म मामले में डॉक्टर खत्री पुलिस की गिरफ्त में, CCTV ने खोला राज

महाराष्ट्र के वर्धा जिले में 11 साल की बच्ची से कुकर्म मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्राइवेट डॉक्टर जवाहर खत्री को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि डॉक्टर ने घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को सूचना नहीं दी और मामले को दबाने की कोशिश की.

Maharashtra Crime News

रिपोर्ट- अभिषेक पांडे


महाराष्ट्र वर्धा जिले के वडनेर इलाके में एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. इस घटना में न केवल मुख्य आरोपी, बल्कि मामले को दबाने की कोशिश करने वाले एक डॉक्टर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. 63 वर्षीय प्राइवेट डॉक्टर जवाहर खत्री पर आरोप है कि उन्होंने अपराध की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी.

क्या है पूरा मामला?

घटना 2 मई की है, जब पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक 11 साल की नाबालिग बच्ची के साथ उसके ही एक 52 वर्षीय रिश्तेदार, नरेश हिरबा दिवे ने कुकर्म किया. इस घिनौनी हरकत के बाद बच्ची की तबीयत काफी बिगड़ गई. आरोपी नरेश उसे इलाज के लिए वडनेर स्थित ‘सुयश क्लिनिक’ लेकर गया.

डॉक्टर पर क्यों हुई कार्रवाई?

जांच में सामने आया कि क्लिनिक के डॉक्टर जवाहर खत्री ने बच्ची की हालत और उसके साथ हुई घटना की गंभीरता को समझ लिया था. मेडिकल नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी अनिवार्य होती है. लेकिन, डॉक्टर खत्री ने मामले को दबाने के उद्देश्य से केवल दवा दी और बच्ची को घर भेज दिया. उन्होंने न तो पुलिस को सूचित किया और न ही मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उचित प्रक्रिया का पालन किया.

CCTV और तकनीकी सबूतों ने खोला राज

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने बारीकी से तफ्तीश शुरू की. पुलिस ने अस्पताल और पास के मेडिकल स्टोर के CCTV फुटेज खंगाले. तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज से यह साफ हो गया कि डॉक्टर को पूरी घटना का पता था, फिर भी उन्होंने इसे छिपाया. इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने डॉक्टर खत्री के खिलाफ POCSO एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.


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पुलिस की अब तक की कार्रवाई

मुख्य आरोपी नरेश दिवे को पुलिस ने घटना वाले दिन (2 मई) ही हिरासत में ले लिया था. अब डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसमें और भी लोग शामिल थे. यह पूरी कार्रवाई उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुशील कुमार नायक के मार्गदर्शन और थानेदार घनश्याम पाटिल की देखरेख में की गई. फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है.

-भारत एक्सप्रेस



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