राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी अभिनव पहल “राष्ट्रीय महिला आयोग – आपके द्वार” के तहत आज दिल्ली के जसोला स्थित कार्यालय में पाँच दिवसीय महिला महा जनसुनवाई की शुरुआत की. इस कार्यक्रम में दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रहीं.
कार्यक्रम के पहले दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर और आयोग के सदस्यों ने महिलाओं की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान की दिशा में त्वरित निर्णय लिए. आगामी चार दिनों तक भी महिलाओं के लंबित मामलों को सुनकर उनका जल्द से जल्द समाधान करने का प्रयास किया जाएगा.
आयोग महिलाओं की समस्याओं को उनके घर जाकर सुलझाएगा
महिला महा जनसुनवाई के शुभारंभ अवसर पर श्रीमती विजया रहाटकर ने कहा, “यदि कोई महिला स्वयं आयोग तक नहीं आ सकती, तो आयोग उनकी समस्याएँ उनके द्वार जाकर सुलझाएगा. हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली के लंबित मामलों का इस महा जनसुनवाई के दौरान समुचित निवारण किया जाए.”
मुख्य वक्तव्य में मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और इस महाजनसुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस एवं प्रशासन आयोग के साथ पूर्ण सहयोग करेगा.
सरकार का महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदमों का आश्वासन
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी पाक्षिक पत्रिका “जागृति” का भी शुभारंभ किया. इस पत्रिका के माध्यम से महिलाओं की उपलब्धियों, न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेशों, सरकारी पहलों और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों को प्रमुखता दी जाएगी.
इसके अलावा, आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर ने दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज की दो छात्राओं को पारितोषिक देकर सम्मानित किया. इन छात्राओं ने शिक्षा और खेल के क्षेत्र में अद्भुत प्रदर्शन किया था. सम्मान समारोह के दौरान विजया रहाटकर ने अपने माता जीजाबाई सम्मान से मिली धनराशि को बढ़ाकर छात्राओं को पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और आयोग की अध्यक्षा के हाथों सम्मान पाकर दोनों छात्राएँ अत्यंत उत्साहित और प्रेरित दिखीं.
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-भारत एक्सप्रेस
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