Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

‘हम आतंकवाद को बढ़ावा बिल्कुल भी नहीं देंगे…’, क्या भारत को सौंपा जाएगा जाकिर नाइक? जानें मलेशिया के पीएम ने क्या दिए संकेत

जाकिर नाइक कथित धन शोधन मामले और नफरती भाषणों के जरिए चरमपंथ भड़काने के मामले में भारत के लिए वांछित है.

Malaysia PM Anwar Ibrahim gave this hint about Zakir Naik

फोटो-सोशल मीडिया

Malaysia PM In India: मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम इन दिनों भारत दौरे पर हैं. इस दौरान मंगलवार यानी 20 अगस्त, 2024 को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को लेकर कुछ संकेत भी दिए. उन्होंने कहा है कि अगर भारत जाकिर के खिलाफ सबूत दिए तो उनकी सरकार उसे प्रत्यर्पित करने के भारत के अनुरोध पर विचार कर सकती है. मालूम हो कि जाकिर नाइक अभी मलेशिया में ही है. वह कथित धन शोधन मामले और नफरती भाषणों के जरिए चरमपंथ भड़काने के मामले में भारत के लिए वांछित है. वह 2016 में भारत से चला गया था. इस्लामिक उपदेशक को महातिर मोहम्मद के नेतृत्व वाली पहले की सरकार ने मलेशिया में स्थायी निवास की अनुमति दी थी.

बता दें कि मंगलवार को मलेशिया के पीएम ने इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स में हिस्सा लिया. इस मौके पर इब्राहिम से जब जाकिर नाइक को भारत को सौंपने को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की वजह से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार पर कोई गतिरोध पैदा नहीं होना चाहिए. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि मंगलवार की वार्ता के दौरान भारतीय पक्ष ने इस मुद्दे को नहीं उठाया.

ये भी पढ़ें-पोलैंड और यूक्रेन की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए पीएम मोदी, युद्धग्रस्त क्षेत्र कीव में पहुंचेंगे ट्रेन के जरिए

मलेशियाई पीएम इब्राहिम ने कहा, ‘सबसे पहले, यह मुद्दा (भारतीय पक्ष) द्वारा नहीं उठाया गया, प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने इसे बहुत पहले उठाया था, कुछ साल पहले लेकिन मसला यह है कि मैं एक व्यक्ति के बारे में बात नहीं कर रहा हूं, मैं उग्रवाद की भावना के बारे में बात कर रहा हूं, एक बाध्यकारी मामले और सबूत के बारे में बात कर रहा हूं. जो किसी व्यक्ति या समूह या गुट या पार्टियों द्वारा किए गए अत्याचारों का संकेत देते हों, जो किसी व्यक्ति या समूह या गुट या पार्टियों द्वारा किए गए महापाप को साबित करे.’

मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अगर कोई भी अनुरोध और सबूत दिया जाता है तो उस पर विचार के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, ‘हम आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देंगे. इसको लेकर हमारा रुख स्पष्ट है और हम आतंकवाद के खिलाफ इनमें से कई मुद्दों पर भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस एक मामले की वजह से हमें आगे के सहयोग और हमारे द्विपक्षीय संबंध में गतिरोध पैदा करना चाहिए.’

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital