Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

‘तुम क्या चाहती हो..?’, फांसी की सजा सुनते ही जज से क्या बोली मुस्कान? साहिल को भी सजा-ए-मौत

मेरठ के नीले ड्रम वाली मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को कोर्ट ने फांसी की सजा दी है. जज ने जब उससे सवाल किया कि तुम क्या चाहती हो? जानिए इस सवाल में मुस्कान का क्या जवाहब था?

muskan sahil case update
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Muskaan Sahil Death Penalty: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से जुड़े बहुचर्चित और सनसनीखेज सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है. अपनी ही पति की बेरहमी से हत्या करने वाली मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को जज अरविंद कुमार मिश्रा ने फांसी की सजा सुनाई है. इस क्रूरतापूर्ण अपराध ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाई गई सजा (Meerut court judgment On Muskaan Sahil)

सजा सुनाए जाने की प्रक्रिया से पहले दोनों दोषियों, मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया था. इससे पहले बुधवार सुबह करीब 10.30 बजे जज अरविंद कुमार मिश्रा ने जेल में बंद दोनों आरोपियों से उनका पक्ष भी जाना था.

जब जज ने मुस्कान से पूछा कि वह अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या में दोषी पाई गई है और क्या सजा चाहती है, तो उसने अपनी छोटी बेटी का हवाला देते हुए कहा कि उसका ख्याल रखा जाए, जिसके बाद वह खामोश हो गई. वहीं, जब यही सवाल उसके प्रेमी साहिल से पूछा गया, तो वह पूरी तरह चुप रहा.

क्या था पूरा मामला? (Muskaan Sahil Blue Drum Murder Case)

सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को की गई थी. हत्यारों ने दुर्दांत तरीके से उनके शव को 5 टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में भर दिया था. इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा होने के बाद जुलाई 2025 में जिला अदालत में इसका ट्रायल शुरू हुआ था. लंबी कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर 30 सितंबर को कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी करार दिया था.

ये भी पढ़ें: ‘सबूत संभालकर रखिए, इंसाफ मिलेगा’, राहुल गांधी ने उठाया NSUI छात्रों की पिटाई का मुद्दा, CEC ज्ञानेश कुमार विवाद पर गरमाई राजनीति

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील केके चौबे ने अदालत से मांग की थी कि ऐसे जघन्य अपराध के लिए दोनों दोषियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए. वहीं, बचाव पक्ष की वकील रेखा जैन ने दलील दी थी कि मुस्कान की दो बेटियां हैं और उसके माता-पिता बुजुर्ग हैं, इसलिए उसे कम से कम सजा मिलनी चाहिए. हालांकि, अपराध की क्रूरता और गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दोनों को मौत की सजा मुकर्रर की है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

Latest