Iran US Conflict: मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. इसी बीच रविवार देर रात पीएम नरेंद्र मोदी ने इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की. दोनों नेताओं ने मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की. पीएम मोदी ने भारत की चिंताओं को साझा करते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सबसे अहम है और शत्रुता को जल्द खत्म करना जरूरी है.
Had a telephone call with PM Benjamin Netanyahu to discuss the current regional situation. Conveyed India's concerns over recent developments and emphasised the safety of civilians as a priority. India reiterates the need for an early cessation of hostilities.@netanyahu
— Narendra Modi (@narendramodi) March 1, 2026
यूएई के साथ भारत की एकजुटता
पीएम मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बातचीत की. उन्होंने खाड़ी देश पर हुए हमलों की निंदा की और कहा कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है. पीएम ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति का आभार जताया और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता पर जोर दिया.
Spoke with President of the UAE, my brother Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan. Strongly condemned the attacks on the UAE and condoled the loss of lives in these attacks. India stands in solidarity with the UAE in these difficult times.
Thanked him for taking care of the Indian…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 1, 2026
ईरान के हमले का दायरा बढ़ा
ईरान के हमले अब ओमान तक पहुंच गए हैं, जो पहले इस संघर्ष से दूर था और पश्चिम के साथ बातचीत का माध्यम माना जाता था. सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद और पूर्वी इलाकों पर हुए हमलों को नाकाम करने का दावा किया. साथ ही कहा कि उसने अपने भूभाग या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान को निशाना बनाने के लिए नहीं होने दिया.
कई देशों ने रोके मिसाइल और ड्रोन
जॉर्डन ने बताया कि उसने ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सफलता पाई. इसी तरह कुवैत, बहरीन और कतर ने भी ईरान के मिसाइल हमलों को रोकने का दावा किया. ईरान के विदेश मंत्री ने इन हमलों के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया और खाड़ी देशों से आग्रह किया कि वे वॉशिंगटन और तेल अवीव पर दबाव डालें ताकि युद्ध को समाप्त किया जा सके.
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हालात तेजी से बदल रहे हैं और क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा चिंताएं बढ़ रही हैं. भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा और शांति बहाली है. पीएम मोदी की कूटनीतिक सक्रियता इस बात का संकेत है कि भारत मध्य पूर्व में स्थिरता और संवाद को अहम मानता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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