मानसून की एंट्री: 26 मई को केरल में बरसेंगे बदरा, उत्तरी भारत में प्रचंड गर्मी-लू का अलर्ट
भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से जूझ रहे भारत के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को जानकारी दी कि इस साल मानसून अपने निर्धारित समय से 5 दिन पहले, यानी 26 मई को केरल के तट पर दस्तक दे सकता है. आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार स्थितियां अनुकूल होने के कारण यह जल्दी आ रहा है. पिछले साल भी मानसून ने 24 मई को ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी थी.
देश में गर्मी का तांडव: 45 डिग्री के पार पारा
एक तरफ जहां मानसून की आहट है, वहीं दूसरी तरफ देश का आधे से ज्यादा हिस्सा भीषण ‘हीटवेव’ (लू) की चपेट में है. राजस्थान और महाराष्ट्र के कई शहरों में सूरज आग उगल रहा है. महाराष्ट्र का अकोला शहर 45.9°C तापमान के साथ देश का सबसे गर्म इलाका रहा. राजस्थान के फलोदी में भी पारा 45.2°C दर्ज किया गया. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी तापमान 40 डिग्री के ऊपर बना हुआ है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है.
शहरवार तापमान की स्थिति (प्रमुख आंकड़े)
शहर और राज्य / अधिकतम तापमान (°C) स्थिति
अकोला, महाराष्ट्र 45.9°C भीषण लू
फलोदी, राजस्थान 45.2°C सबसे गर्म (राजस्थान)
बाड़मेर, राजस्थान 45.1°C तीव्र गर्मी
जलगांव, महाराष्ट्र 45.4°C लू का असर
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश 44.5°C गर्मी और उमस
यूपी में आंधी-बारिश का कहर: 111 की मौत
उत्तर प्रदेश में मौसम का एक खतरनाक रूप भी देखने को मिला है. बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में आई तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 111 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. सबसे ज्यादा प्रभावित प्रयागराज और भदोही जिले रहे. इस त्रासदी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दुख जताया गया है, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इन मौतों पर संवेदना प्रकट की है.
इस साल बारिश का अनुमान: सामान्य से कम?
भले ही मानसून जल्दी आ रहा है, लेकिन बारिश की मात्रा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. निजी मौसम एजेंसी ‘स्काईमेट वेदर’ ने अनुमान लगाया है कि इस साल मानसून की बारिश सामान्य से 6% कम रह सकती है. एजेंसी के मुताबिक, जून से सितंबर के दौरान औसत बारिश का 94% हिस्सा ही गिरने की उम्मीद है. हालांकि, IMD ने पिछले साल के मानसून को सफल बताया था, जब सामान्य से 8% अधिक बारिश दर्ज की गई थी.
उत्तर भारत तक पहुंचने में लगते हैं 15-20 दिन
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि केरल में दस्तक देने के बाद मानसून को उत्तर भारत तक पहुंचने में आमतौर पर 15 से 20 दिन का समय लगता है. यदि मानसून की गति स्थिर रही, तो जून के दूसरे सप्ताह तक महाराष्ट्र और तीसरे सप्ताह तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश शुरू हो सकती है. फिलहाल, राजस्थान के जयपुर और बीकानेर जैसे शहरों में शाम को हुई हल्की बारिश ने तापमान में थोड़ी गिरावट जरूर दर्ज की है, लेकिन दोपहर की लू अभी भी खतरनाक बनी हुई है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





