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21 जुलाई से संसद के मानसून सत्र की शुरुआत, एयर इंडिया विमान हादसे पर हंगामे के आसार

21 जुलाई से संसद का मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत होने के पूरे आसार है. हंगामा के घेरे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय रह सकता हैं.

21 जुलाई से संसद (Parliament) का मानसून सत्र (Monsoon Session) की हंगामेदार शुरुआत होने के पूरे आसार है. हंगामा के घेरे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) रह सकता हैं. पहले दिन का सत्र संभवतः 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे (India Plane Crash) पर केंद्रित रहेगा. इस हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी.

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) को सत्र के दौरान कई चुनौतीपूर्ण प्रश्नों का सामना करना पड़ सकता है, खासतौर से राज्यसभा (Rajya Sabha) में, जहां पहले दिन प्रश्नकाल में मंत्रालय का मुद्दा उठाया जाएगा.

सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) और विपक्ष दोनों के सांसदों ने सुरक्षा नियमों, निरीक्षण तंत्र, स्टाफिंग मुद्दों और जवाबदेही से संबंधित कठोर जांच तैयार की है.

आरजेडी सांसद मनोज झा ने पिछले तीन वर्षों में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा किए गए सुरक्षा और रखरखाव निरीक्षणों की संख्या पर डेटा मांगा है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या किसी एयरलाइन को चूक के लिए दंडित किया गया था.

शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने डीजीसीए में कर्मचारियों की कमी पर चिंता व्यक्त की है और स्वीकृत पदों की संख्या और बढ़ते विमानन क्षेत्र के अनुरूप कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना की जानकारी मांगी है. वह महत्वपूर्ण रिक्तियों, खासकर सुरक्षा और ऑडिट भूमिकाओं में, को भरने के लिए उठाए गए कदमों की भी जानकारी मांग रही हैं.

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाया है कि क्या डीजीसीए ने भारत में वर्तमान में संचालित बोइंग 787 विमानों की विस्तारित निगरानी का आदेश दिया है, जबकि आप के संदीप पाठक ने पिछले तीन वर्षों में यात्री सुरक्षा उल्लंघनों के लिए एयरलाइन सेवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या और इन जांचों की स्थिति के बारे में पूछताछ की है.

कांग्रेस सांसद जी.सी. चंद्रशेखर ने उन रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण मांगा है जिनमें कहा गया है कि कुछ एयरलाइन्स कंपनियां सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रही हैं, साथ ही ऐसे उल्लंघनों के कारण हुई आपातकालीन लैंडिंग का विवरण भी मांगा है. राज्यसभा सांसद और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने पूछा है कि क्या दुर्घटना के बाद से भारतीय बेड़े में शामिल सभी बोइंग 787 ड्रीमलाइनरों का निरीक्षण किया गया है.

शिवसेना के मिलिंद देवड़ा ने विमान तकनीशियनों और इंजीनियरों के लिए खराब कार्य स्थितियों के बारे में चिंता जताई.

बिहार से बीजेपी सांसद शंभू शरण सिंह ने 2019 से 2024 तक यात्री सुविधा और सुरक्षा पर सरकार के व्यय का विवरण मांगा है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार से बीजेपी के सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा ने पूछा है कि क्या डीजीसीए ने भारतीय हवाई अड्डों के लिए एक समान सुरक्षा मानक निर्धारित किए हैं.

सवाल की बौछार करने वालों में पक्ष और विपक्ष दोनों ही रहने वाले हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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