Guru Angad Dev Ji Prakash Parv Amit Shah Message: गृह मंत्री अमित शाह ने सिख धर्म के दूसरे गुरु, श्री गुरु अंगद देव जी के प्रकाश पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि गुरु जी ने अपने जीवन को सेवा, भक्ति और समाज सुधार के लिए समर्पित किया. उनकी वाणी आज भी हमें सच्चाई और मानवता की राह पर चलने की प्रेरणा देती है.
गुरु अंगद देव जी ने सेवा, भक्ति और समाज सुधार को अपने जीवन का मूल आधार बनाया। उन्होंने गुरुमुखी लिपि के विकास के माध्यम से सिख धर्म का प्रचार-प्रसार किया और लंगर परंपरा के माध्यम से समानता और एकता का मंत्र दिया। उनकी वाणी आज भी हमें सच्चाई, समर्पण और मानवता की राह पर चलने की… pic.twitter.com/tUMF1WrM4F
— Amit Shah (@AmitShah) April 18, 2026
गुरुमुखी लिपि का योगदान
गुरु अंगद देव जी ने गुरुमुखी लिपि का विकास किया. इस लिपि ने सिख धर्म के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाई. धार्मिक ग्रंथों को सरल बनाने और शिक्षा को आमजन तक पहुंचाने में गुरुमुखी का बड़ा योगदान रहा.
लंगर परंपरा का महत्व
गुरु जी ने लंगर की परंपरा को आगे बढ़ाया. इस परंपरा ने समाज में समानता और भाईचारे का संदेश दिया. लंगर में हर व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के भोजन मिलता है, जो एकता और समर्पण का प्रतीक है.
समाज सुधार की राह
गुरु अंगद देव जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया. उन्होंने लोगों को सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी. उनकी शिक्षाओं ने समाज को नई दिशा दी और लोगों को एकजुट किया.
अमित शाह का संदेश
अमित शाह ने कहा कि गुरु अंगद देव जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि सेवा और भक्ति से ही समाज में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है. उन्होंने गुरु जी को समाज सुधार और समानता का प्रतीक बताया.
गुरु अंगद देव जी का जीवन परिचय
गुरु अंगद देव जी का जन्म 31 मार्च 1504 को हुआ था. वे गुरु नानक देव जी के उत्तराधिकारी बने और सिख धर्म के दूसरे गुरु कहलाए. उन्होंने गुरुमुखी लिपि का विकास किया और सिख धर्म को संगठित रूप देने में अहम भूमिका निभाई. गुरु जी ने लंगर की परंपरा को आगे बढ़ाया और समाज में समानता का संदेश दिया. उनका जीवन सेवा, भक्ति और समाज सुधार के लिए समर्पित रहा.
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-भारत एक्सप्रेस
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