मुंबई और कोंकण के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से सावंतवाड़ी रोड के बीच नई दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू हो गई है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
नई ट्रेन को खास तौर पर कोंकण जाने वाले यात्रियों के लिए अहम माना जा रहा है. करीब 510 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह सेवा मुंबई को रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जैसे कोंकण के प्रमुख इलाकों से सीधे जोड़ेगी. खास बात यह है कि ट्रेन के रास्ते में कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है, जिससे अलग-अलग शहरों और कस्बों के यात्रियों को इसका फायदा मिल सकेगा.
गणेश उत्सव से पहले कोंकण जाने वालों को राहत
कोंकण और मुंबई के बीच यात्रा की मांग त्योहारों के दौरान काफी बढ़ जाती है. खासकर गणेश उत्सव के समय बड़ी संख्या में लोग मुंबई से अपने गांव और पैतृक घरों की ओर जाते हैं. ऐसे में नई ट्रेन सेवा को यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा माना जा रहा है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन मुंबई और कोंकण के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में एक कदम है. उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस साल 350 विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं. जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाकर 370 तक करने की भी तैयारी है.
पीयूष गोयल ने नई ट्रेन को सिर्फ परिवहन की सुविधा बढ़ाने वाली सेवा नहीं, बल्कि कोंकण के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया. उनका कहना है कि बेहतर रेल संपर्क से मुंबई और कोंकण के बीच लोगों की आवाजाही आसान होगी और दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भी फायदा
नई ट्रेन से उन लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है जो कोंकण से मुंबई आकर पढ़ाई या नौकरी करते हैं. बेहतर कनेक्टिविटी होने से उनके लिए घर आना-जाना आसान होगा और परिवार के साथ संपर्क बनाए रखना भी सुविधाजनक रहेगा.
इसके अलावा मुंबई में मौजूद बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक कोंकण के लोगों की पहुंच भी आसान हो सकती है. नियमित यात्रियों के लिए एक और भरोसेमंद रेल विकल्प उपलब्ध होने से यात्रा पर निर्भरता और समय दोनों को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा.
स्थानीय कारोबार और पर्यटन को भी बढ़ावा
नई ट्रेन सेवा का असर सिर्फ यात्रियों तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है. कोंकण का समुद्र तट, किले, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक खूबसूरती हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कंकावली, कुदल और सावंतवाड़ी जैसे इलाकों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन को भी फायदा मिल सकता है.
पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर होटल, रेस्तरां, टैक्सी, स्थानीय दुकानदारों और दूसरे छोटे कारोबारों को भी इसका लाभ मिल सकता है. वहीं स्थानीय उत्पादकों और मछुआरों के लिए मुंबई तक माल पहुंचाना आसान होने की उम्मीद है. इससे उनके उत्पाद बाजार तक तेजी से पहुंच सकते हैं.
पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि कोंकण में बेहतर संपर्क से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है. इससे स्थानीय युवाओं को काम की तलाश में दूसरे शहरों की ओर जाने की जरूरत कुछ हद तक कम हो सकती है.
नई ट्रेन रोजाना संचालित होगी. ट्रेन संख्या 15087 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-सावंतवाड़ी रोड एक्सप्रेस के रूप में यह CSMT से रात 11:55 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:15 बजे सावंतवाड़ी रोड पहुंचेगी.
वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 15088 सावंतवाड़ी रोड-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस शाम 5:20 बजे सावंतवाड़ी रोड से चलेगी और अगले दिन सुबह 6:40 बजे CSMT पहुंचेगी.
यानी मुंबई से कोंकण जाने वाले यात्री रातभर का सफर कर सकते हैं और अगले दिन दोपहर तक अपने गंतव्य के करीब पहुंच जाएंगे. वापसी में भी शाम को ट्रेन पकड़कर सुबह मुंबई पहुंचने का विकल्प मिलेगा. ट्रेन में LHB रेक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यात्रियों को आधुनिक और अपेक्षाकृत आरामदायक कोच की सुविधा मिलेगी.
रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान एकनाथ शिंदे ने रेलवे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, वंदे भारत ट्रेनों और देशभर में रेलवे नेटवर्क के विस्तार को महत्वपूर्ण कदम बताया.
शिंदे ने खास तौर पर 741 किलोमीटर लंबे कोंकण रेलवे मार्ग के विद्युतीकरण का उल्लेख किया. उनके मुताबिक रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ यह काम पर्यावरण के लिहाज से भी अहम है और इससे ट्रेनों की रफ्तार तथा संचालन क्षमता में सुधार हुआ है.
मुंबई में 18 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मुंबई में रेलवे से जुड़ी करीब 18,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर फिलहाल काम चल रहा है. इनमें स्टेशन और प्लेटफॉर्म की क्षमता बढ़ाने से लेकर सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाने तक कई काम शामिल हैं. रेलवे अब उन प्लेटफॉर्मों को व्यवस्थित तरीके से बढ़ा रहा है, जो पहले 12 कोच वाली ट्रेनों के लिए बनाए गए थे, ताकि वहां 15 कोच वाली ट्रेनें भी आसानी से संचालित की जा सकें. कई जगह यह काम पूरा भी हो चुका है. इसके साथ ही मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क में मौजूदा सिग्नलिंग व्यवस्था को आधुनिक सिस्टम में बदला जा रहा है. इसका उद्देश्य लोकल ट्रेनों के संचालन को ज्यादा प्रभावी बनाना और नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना है.
मुंबई की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए 238 नई एसी लोकल ट्रेन रेक को भी मंजूरी दी गई है. रेल मंत्री के मुताबिक इन नई एसी लोकल की पहली डिलीवरी 2027 से शुरू होने की उम्मीद है.
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-भारत एक्सप्रेस
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