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मुंबई मेयर का चुनाव अब दिल्ली से होगा तय! महायुति में सत्ता संघर्ष के बीच रायसीना हिल्स से आया फरमान, शिंदे के पार्षदों ने छोड़ा होटल

Mumbai Mayor Race: मुंबई मेयर चुनाव अब दिल्ली से तय होगा? महायुति में सत्ता संघर्ष तेज, शिंदे के पार्षदों ने छोड़ा होटल, बीजेपी-शिवसेना में खींचतान बढ़ी.

Mumbai Mayor race

Mumbai Mayor Race: मुंबई में मेयर कुर्सी की दौड़ एक रोमांचक राजनीतिक नाटक का रूप लेती जा रही है, जो मुंबई की गलियों से निकलकर अब दिल्ली के रायसीना हिल्स तक पहुंच गई है. बीएमसी चुनाव परिणामों (BMC Election 2026) से स्पष्ट है कि मुंबई का अगला मेयर महायुति गठबंधन (बीजेपी-शिंदे गुट) से ही होगा. लेकिन महायुति गठबंधन (Mahayuti Alliance) इस समय आंतरिक कलह से जूझ रहा है.

शिंदे के पार्षदों ने छोड़ा होटल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेपी (BJP) के केंद्रीय नेतृत्व ने मुंबई में हो रहे नाटकीय राजनीति पर कड़ा रुख अपनाया है, जिसके चलते एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की शिवसेना ने अपनी “होटल वाली राजनीति” समाप्त कर दी है और तीन दिन के प्रवास के बाद अपने पार्षदों को वापस बुला लिया है.

बीजेपी ने परिणामों का ठीकरा शिंदे पर फोड़ा

बीजेपी ने बीएमसी चुनाव के परिणामों (BMC Election Result 2026) का ठीकरा शिवसेना शिंदे गुट पर फोड़ा है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शिंदे ने बहुत अधिक सीटों (90) पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 29 सीटें ही जीत पाए, जबकि भाजपा ने 135 में से 89 सीटें जीतीं. नेताओं का तर्क है कि अगर भाजपा ने अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा होता, तो वे आसानी से 100 का आंकड़ा पार कर लेते.

शिवसेना ने क्या दिया तर्क

दूसरी ओर, शिवसेना शिंदे खेमे का तर्क है कि उन्हें मुस्लिम बहुल कठिन सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए मजबूर किया गया और भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं के समर्थन की कमी के कारण वे 11 सीटें मामूली अंतर से हार गए.

दिल्ली में बैठक तय

इस गतिरोध को सुलझाने के लिए दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है. शिंदे के वफादार पूर्व सांसद राहुल शेवाले, सांसद श्रीकांत शिंदे और सांसद श्रीरंग बरने भाजपा के मुंबई अध्यक्ष अमित सतम और कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार से महापौर पद और स्थायी, सुधार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण समितियों के आवंटन को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत करेंगे.


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विपक्ष ने उठाए सवाल

इस बीच, विपक्ष ने तीखा हमला बोला है. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार मुंबई के मेयर का फैसला अमित शाह दिल्ली में कर रहे हैं, जो मराठी गौरव पर चोट है. इसके अलावा, कांग्रेस नेता नाना पाटोले ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि 22 जनवरी को होने वाली मेयर की लॉटरी से और भी राजनीतिक हेरफेर का खुलासा होगा.

-भारत एक्सप्रेस



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