महाराष्ट्र के विपक्षी दलों ने आज मुंबई में एक बड़ा संयुक्त विरोध मार्च बुलाया है. इस मार्च का मकसद चुनाव आयोग की कथित ‘ढीली और गड़बड़’ प्रक्रिया को उजागर करना है. खासतौर पर वोटर लिस्ट में मौजूद करीब एक करोड़ फर्जी या डुप्लिकेट नामों को हटाने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है. विपक्ष का कहना है कि ये फर्जी वोटर लोकल चुनावों को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की सफाई जरूरी है.
मार्च में कौन-कौन शामिल?
इस सत्य मार्च में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट), मनसे, राकांपा (शरद पवार गुट), कांग्रेस और कई अन्य दल शामिल हैं. मार्च आज दोपहर 1 बजे मेट्रो सिनेमा से शुरू होकर महापालिका मार्ग होते हुए आजाद मैदान तक जाएगा.
मार्च के लिए नहीं मिली अनुमति
हालांकि मुंबई पुलिस ने कानून-व्यवस्था की चिंता जताते हुए इस मार्च को अनुमति देने से इनकार कर दिया है. पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति के अगर मार्च निकाला गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके बावजूद विपक्षी दलों ने साफ कर दिया है कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शन करेंगे.
मजबूत सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस ने सुरक्षा के लिए 350 जवान, 70 अधिकारी और राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF) की चार प्लाटून तैनात की हैं. हर प्लाटून में करीब 20 जवान होते हैं जिससे कुल SRPF बल की संख्या लगभग 80 हो जाती है. इसके अलावा यातायात विभाग ने भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं.
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पुलिस ने दी नागरिकों को सलाह
मुंबई पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे दक्षिण मुंबई के मार्गों से बचें और दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करें जिससे असुविधा न हो. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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