त्योहारों का सीजन आते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ जाती है और इसी भीड़-भाड़ का फायदा उठाने के लिए शातिर चोर भी सक्रिय हो जाते हैं. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने उत्तर प्रदेश और बिहार के अलग-अलग जिलों से आकर तांडव मचाने वाले महिलाओं के एक बड़े अंतरप्रांतीय गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इस गैंग की 29 महिला सदस्यों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.
भीड़भाड़ का फायदा उठाकर करती थीं वारदात
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा और सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के निर्देश पर पुलिस टीम ने पिछले दो हफ्तों में शहरभर में विशेष अभियान चलाया. 16 अक्टूबर 2026 को नगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बाहरी जिलों से कुछ शातिर महिलाओं का एक संगठित गिरोह शहर में एक्टिव हो गया है. ये महिलाएं मंदिरों, बाजारों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाली जगहों पर झुंड बनाकर पहुंचती थीं और बड़े शातिर तरीके से महिलाओं के गले से सोने की चेन, पर्स, मोबाइल और कैश उड़ा लेती थीं.
सूचना पुख्ता होने के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और सीवान (बिहार) तथा गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली कई महिलाओं को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उनके काले कारनामों की परतें खुलती चली गईं. पुलिस ने इनके पास से 3 सोने के लॉकेट, सोने के कान के लटकन, 5 महंगे मोबाइल फोन और 16,800 रुपये नकद बरामद किए हैं.
UP और बिहार के कई जिलों से जुड़े हैं तार
गिरफ्तार की गई महिलाओं में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया और आजमगढ़ के अलावा बिहार के सीवान जिले की रहने वाली शातिर अपराधी शामिल हैं. पुलिस ने नगर थाने में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश की जा रही है और इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने पहले कहां-कहां ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है. त्योहारों के मौसम में पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से आम जनता ने राहत की सांस ली है.
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-भारत एक्सप्रेस
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