रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के लेख को शेयर किया. उन्होंने अपने पोस्ट में नागालैंड के हॉर्नबिल महोत्सव के जीवंत भावना की सराहना की. इसके साथ ही PM Modi ने नागालैंड के इस महोत्सव को भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और जनजातीय विरासत की चिरस्थायी जीवंतता का एक शक्तिशाली प्रतीक बताया.
राज्य स्वयं में उत्सव का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह राज्य केवल एक महोत्सव की मेजबानी नहीं करता, बल्कि यह स्वयं में एक उत्सव का प्रतीक है, जो वास्तव में ‘त्योहारों की भूमि’ के अपने गौरवशाली नाम को सही सिद्ध करता है.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने एक्स अकाउंट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का यह लेख शेयर किया. इसमें लिखा है, “इस मन को छू लेने वाले लेख में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नागालैंड के हॉर्नबिल महोत्सव को मानवीय भावना के विविध रंग और प्राचीन तथा आधुनिकता के अद्भुत समन्वय के रूप में चित्रित किया है. उन्होंने इस अटल सत्य को दोहराया है कि हमारा देश तभी आगे बढ़ेगा, जब पूर्वोत्तर चमकेगा.”
In this engaging article, Union Minister Shri @JM_Scindia describes Nagaland’s Hornbill Festival as a kaleidoscope of the human spirit and a masterful convergence of the ancient and the contemporary. He reiterates that our country will rise only when the Northeast shines.… https://t.co/0vY9twBSnk
— PMO India (@PMOIndia) December 14, 2025
इस लेख में नागालैंड के मशहूर हॉर्नबिल फेस्टिवल पर प्रकाश डाला गया है. इसे भारत की सांस्कृतिक आत्मा की एक जीवंत अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय विमर्श में पूर्वोत्तर के बढ़ते महत्व के रूप में बताया गया है.
पूर्वोत्तर आत्मविश्वासी भारत का चेहरा
पीएमओ ने कहा कि पूर्वोत्तर एक नए और आत्मविश्वासी भारत का चेहरा है. नागालैंड केवल त्योहार नहीं मनाता, बल्कि स्वयं उत्सव का प्रतीक है. इसी वजह से उसे ‘त्योहारों की भूमि’ कहा जाता है.
सिंधिया ने एक लेख में लिखा कि पीएम मोदी के विजन ने पूर्वोत्तर की विशाल आर्थिक और मानवीय क्षमता को खोलकर इसे भारत की विकास यात्रा में सबसे आगे रखा है. उन्होंने आगे कहा, “नागालैंड का हॉर्नबिल फेस्टिवल इस बदलाव को एक सांस्कृतिक आवाज देता है, यह दिखाता है कि विकास तब सबसे मजबूत होता है जब वह पहचान से जुड़ा होता है.”
सिंधिया ने कहा कि नागालैंड के प्राकृतिक संसाधनों, आध्यात्मिक विरासत, खेल परंपराओं, कौशल, पर्यावरण पर्यटन, व्यंजनों और सांस्कृतिक जीवंतता की समृद्धि सिर्फ कहने की बात नहीं है, बल्कि इसे हर दिन जिया और अनुभव किया जाता है. उन्होंने आगे लिखा, “यह फेस्टिवल मानवीय भावना का बहुरूपदर्शक था. प्राचीन और समकालीन का एक शानदार संगम. दिन 17 नगा जनजातियों के पारंपरिक गीतों और नृत्यों से गूंजते थे, जबकि शामें समकालीन सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों से जीवंत हो उठती थीं.”
आसियान व्यापार गलियारों का खोला रास्ता
प्रधानमंत्री के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए सिंधिया ने कहा कि पीएम मोदी के ‘एक्ट ईस्ट’ विजन ने आसियान व्यापार गलियारों में लगभग 10 बिलियन डॉलर का रास्ता खोला है, जिससे नागालैंड इस क्षेत्र की विकास गाथा में एक प्रमुख प्रवेश द्वार बन गया है.
सिंधिया ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिय भर के देश सांस्कृतिक पहचान के महत्व को फिर से समझ रहे हैं, हॉर्नबिल फेस्टिवल परंपरा में निहित एकता के एक अग्रणी उदाहरण के रूप में सामने आता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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