सरहद पार से लगातार नापाक कोशिशें जारी हैं, लेकिन भारतीय जांबाज हर बार उन्हें मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं. इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है. लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर घुसपैठ की एक खतरनाक कोशिश को नाकाम करते हुए भारतीय सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के एक वरिष्ठ कमांडर को मौत के घाट उतार दिया है.
मारे गए आतंकी की पहचान हमजा यूसुफ के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वह लश्कर के लॉन्चपैड मॉड्यूल का एक अहम हिस्सा था और काफी समय से सुरक्षाबलों की रडार पर था.
सतर्क सैनिकों ने नहीं दिया मौका
सुरक्षाबलों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह ऑपरेशन कल दोपहर को अंजाम दिया गया. हमजा यूसुफ एलओसी के रास्ते भारतीय सीमा में घुसने की फिराक में था. उसे लगा था कि दोपहर के वक्त वह चकमा देकर निकल जाएगा, लेकिन सरहद पर तैनात हमारे सैनिकों की नजरों से बच पाना नामुमकिन था.
जैसे ही आतंकी ने घुसपैठ की कोशिश की, सतर्क जवानों ने उसे चुनौती दी. खुद को घिरता देख आतंकी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही ढेर कर दिया.
कौन था हमजा यूसुफ?
मारे गए आतंकी हमजा यूसुफ का खात्मा भारतीय सेना के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. वह लश्कर-ए-तैयबा के उस लॉन्चपैड मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था, जिसका काम सीमा पार से नए आतंकियों को भारत में दाखिल कराना और उन्हें हथियार मुहैया कराना होता है. वह एक वरिष्ठ कमांडर था और युवाओं को आतंक की राह पर धकेलने के लिए भी कुख्यात था. उसकी मौत से लश्कर के नेटवर्क को करारा झटका लगा है.
इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज
आतंकी को ढेर करने के बाद भारतीय सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है. नौशेरा के जंगलों और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. सेना को अंदेशा है कि हमजा के साथ कुछ और आतंकी भी छिपे हो सकते हैं या फिर इस घुसपैठ के पीछे कोई और बड़ा बैकअप प्लान था.
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमजा के पास से क्या-क्या दस्तावेज और हथियार बरामद हुए हैं, ताकि आने वाले समय में आतंकियों की अगली चाल का पता लगाया जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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